नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली पुलिस ने अब नशीले पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल होने वाले व्यावसायिक वाहनों के परमिट रद्द कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए उठाए जा रहे कदमों दिल्ली पुलिस ने अब नशीले पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल होने वाले व्यावसायिक वाहनों के परमिट रद्द कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए उठाए जा रहे कदमों में यह अब तक की कड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस की नई रणनीति के तहत अब तक 40 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स यूनिट, दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग से परमिट रद्द करने की सिफारिश करती है। यह नियम न केवल दिल्ली के वाहनों पर बल्कि बाहरी राज्यों से दिल्ली में प्रवेश करने वाले उन व्यावसायिक वाहनों पर भी लागू होता है, जो तस्करी में लिप्त पाए जाते हैं। इस कार्रवाई के तहत यदि कोई कमर्शियल वाहन (ट्रक, बस, टैक्सी या डिलीवरी वैन) ड्रग तस्करी में शामिल पाया जाता है, तो एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ ) परिवहन विभाग को उस वाहन का परमिट रद्द या सस्पेंड करने की सिफारिश भेजती है। इसके बाद पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर परिवहन विभाग मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करता है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर परमिट रद्द कर दिया जाता है। इतना ही नहीं यदि वाहन मालिक यह साबित नहीं कर पाता कि वाहन का उपयोग उसकी जानकारी या मिलीभगत के बिना हुआ है, तो वाहन जब्त भी हो सकता है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों का परमिट रद्द करना उनकी उस प्रमुख रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिये नशे के सौदागरों के नेटवर्क को तोड़ा जा सके। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/05/ अप्रैल /2026