राज्य
05-Apr-2026
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मुंबई, (ईएमएस)। जल्द ही मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दरअसल बढ़ती ट्रैफिक और लगातार लगने वाले जाम से परेशान यात्रियों को राहत देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। हाल ही में घाट सेक्शन में प्रोपोलिन गैस से भरा एक टेम्पो पलटने से भारी ट्रैफिक जाम लग गया था, जिसमें कई लोग करीब दो दिनों तक फंसे रहे। ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (एमएसआरडीसी) ने एक्सप्रेसवे को 10 लेन (10 पदरी) करने का फैसला किया है। इस विस्तार से यात्रा तेज और सुरक्षित होने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम आने वाले मानसून के बाद शुरू किया जाएगा और इसे चरणबद्ध तरीके से अगले 3 वर्षों में, यानी 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में इस मार्ग पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे जाम की समस्या आम हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर फंड की जरूरत होगी, जिसे वित्तीय संस्थानों से कर्ज लेकर जुटाया जाएगा। इस कर्ज को चुकाने के लिए टोल वसूली की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। इसके तहत अब टोल वसूली 2045 के बजाय 2060 तक जारी रह सकती है। * ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना भी अहम एक्सप्रेसवे पर 13 किलोमीटर लंबा ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट भी जल्द शुरू होने की संभावना है। इसके पूरा होने से घाट के खतरनाक मोड़ों और दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों से बचते हुए यात्रा ज्यादा सुरक्षित और तेज हो जाएगी। साथ ही मुंबई और पुणे के बीच की दूरी कम होने से समय की भी बचत होगी। * यातायात प्रभावित न हो, इसका खास ध्यान विस्तार कार्य के दौरान ट्रैफिक प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष योजना बनाई जाएगी। एमएसआरडीसी के अधिकारियों के अनुसार, काम चरणों में किया जाएगा ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो। एक तरफ एक्सप्रेसवे का 10 लेन में विस्तार और दूसरी ओर टोल अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव-इन दोनों के साथ ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना मिलकर भविष्य में मुंबई–पुणे यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ‎संजय/संतोष झा-०५ अप्रैल/२०२६/ईएमएस