:: खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की दोटूक: प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त भंडार, अफवाहों और पैनिक बाइंग से बचें :: इन्दौर/भोपाल (ईएमएस)। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने व्यापक अभियान छेड़ दिया है। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया है कि मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, अतः उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने या घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि संकट का लाभ उठाकर अवैध भंडारण करने वालों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री राजपूत ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रदेश भर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 2693 स्थानों पर छापामार कार्रवाई की गई है, जिसमें 3552 अवैध एलपीजी सिलेंडर जब्त कर 10 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त 666 पेट्रोल पंपों के निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर 2 संस्थानों पर कानूनी शिकंजा कसा गया है। विभाग ने जिला आपूर्ति अधिकारियों और तेल कंपनियों के डिपो को अतिरिक्त समय तक संचालित करने के निर्देश दिए हैं ताकि आपूर्ति श्रृंखला में कोई अवरोध न आए। घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक और सुलभ बनाने के लिए पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) कनेक्शन के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां आवेदन प्राप्त होने के मात्र 5 दिन के भीतर कनेक्शन प्रदान करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। शासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित हो चुकी है, वहां आगामी 3 माह में एलपीजी कनेक्शन बंद किए जा सकते हैं। अतः उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे त्वरित रूप से पीएनजी के लिए आवेदन करें। पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया को गति देने के लिए नगरीय प्रशासन और औद्योगिक विकास निगम को 24 घंटे के भीतर अनुमति जारी करने के आदेश दिए गए हैं। थिंक गैस को नोडल संस्था नियुक्त कर तकनीकी सहयोग और जन-जागरूकता बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही आईटीआई और पॉलिटेक्निक के प्रशिक्षणार्थियों को फील्ड वर्क से जोड़कर मैनपावर में वृद्धि की जा रही है। जिला स्तर पर कलेक्टर और एडीएम को नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं ताकि वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और सुगमता बनी रहे। प्रकाश/5 अप्रैल 2025