अंतर्राष्ट्रीय
06-Apr-2026
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-पायलट की ड्रेस जीवन-रक्षा सूट होती है, इसमें हेलमेट, रेडियो और खास हथियार होते हैं वॉशिंगटन,(ईएमएस)। ईरान में अमेरिका का एफ-15 लड़ाकू विमान गिर गया है। इसके बाद से इस फाइटर जेट में सवार एक पायलट को तो बचा लिया गया है लेकिन दूसरे पायलट का पता नहीं चल रहा है। एक तरफ जहां ईरान इन दोनों को पकड़ने के लिए अभियान चला रहा है वहीं अमेरिका भी रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है। अमेरिका एयरफोर्स ऐसे हालात में अपने पायलट को जिंदा रहने और दुश्मन के इलाके से बच निकलने के लिए एडवांस ट्रेनिंग देता है। इसे तकनीक, रणनीति और कठोर ट्रेनिंग के मेल से तैयार किया गया है। यह सिस्टम सिर्फ एक किट तक सीमित नहीं है बल्कि ये एक मल्टी-लेयर व्यवस्था है। इसमें फाइटर जेट के इजेक्शन सीट के नीचे लगी एक जीवन-रक्षा किट, पायलट जिस ड्रेस को पहनता है वो जीवन-रक्षा सूट होता है, इसके अलावा उसका हेलमेट, रेडियो और उसके पास हथियार होते हैं। ये सभी मिलकर जीवन-रक्षा के चार प्रमुख सिद्धांतों में सहायता करते हैं। पायलटों को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है जो उन्हें मुश्किल हालात झेलने, दुश्मन सेना से बचने, पकड़े जाने का विरोध करने और आखिर में बचाव टीमों तक पहुंचने के लिए तैयार करती है। इस ट्रेनिंग में सिर्फ उपकरणों पर निर्भर रहने के बजाय हालात के हिसाब से ढलने और सही फैसले लेने पर जोर दिया जाता है। पायलट के पास 5 गैजेट्स होते हैं जिनमें आधुनिक सर्वाइवल रेडियो-यह एक छोटा, वॉटरप्रूफ और शॉक-प्रूफ रेडियो है जो एन्क्रिप्टेड सिग्नल भेज सकता है। बचाव दल को पायलट की सटीक जीपीएस लोकेशन भी भेजता है जिससे दुश्मन को पायलट का पता लगाना बहुत मुश्किल हो जाता है। लाइटवेट जीएयू-5ए सर्वाइवल राइफल- यह एक खास तरीके से डिजाइन की गई एम4-स्टाइल कार्बाइन राइफल है। इसे इस तरह बनाया गया है कि यह आसानी से इजेक्शन सीट के नीचे फिट हो जाती है। इसे सेकंड्स में बिना किसी औजार के जोड़ा जा सकता है। यह दुश्मन से लड़ने के लिए नहीं बल्कि खुद को बचाने और शिकार करके भोजन जुटाने के लिए होती है। न्फ्रारेड सिग्नलिंग उपकरण- इसमें खास तरह की ग्लो स्टिक्स और स्ट्रोब लाइट होती हैं जो सिर्फ इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रम में चमकती हैं। इन्फ्रारेड रोशनी सिर्फ उन विशेष नाइट-विजन गॉगल्स से देखी जा सकती है जो अमेरिकी बचाव दल के पास होते हैं। यह अंधेरे में दुश्मन को चकमा देकर बचाव दल को इशारा करने का सबसे सुरक्षित तरीका है। सैटेलाइट-बेस्ड पर्सनल बीकन- यह एक छोटा उपकरण है जो सीधे सैटेलाइट से संपर्क करता है। यदि रेडियो काम न करे या पायलट बहुत दूर हो तो यह बीकन ग्लोबल सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए बचाव मुख्यालय को अलर्ट भेज देता है कि पायलट कहां है। यह दुनिया के किसी भी कोने में काम करता है। मेडिकल क्विक-क्लॉट और ट्रॉमा किट- इसमें क्विक-क्लॉट कॉम्बैट गॉज जैसी आधुनिक चीजें होती हैं। इसमें एक विशेष पदार्थ क्लोन होता है जो खून के संपर्क में आते ही उसे तुरंत जमा देता है। इजेक्शन के दौरान लगी गंभीर चोटों से होने वाली ब्लीडिंग को रोकने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसका सबसे जरूरी हिस्सा सर्वाइवल किट है जो इजेक्शन के दौरान पैराशूट के साथ ही खुलती है। जमीन पर पहुंचने के बाद यह पायलट के लिए जीवन-रेखा बन जाती है। इसमें कम्युनिकेशन और नेविगेशन के साधनों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई होती है। सर्वाइवल रेडियो की मदद से बचाव टीमों से संपर्क किया जा सकता है, जबकि कंपास, सिग्नल मिरर और जीपीएस बीकन पायलट को अपनी लोकेशन पता लगाने और उसे आगे भेजने में मदद करते हैं। अगर कोई पायलट पानी के ऊपर इजेक्ट करता है तो उसका किट उसी हिसाब से बदल जाता है। इसमें एक हवा भरने वाली लाइफ राफ्ट और सी डाई शामिल होती है। यह एक ऐसा केमिकल है जो पानी में फैलकर चमकीला रंग बनाता है जिससे पायलट हवा से दिखाई दे सके। यह समुद्री बचाव अभियानों के लिए बहुत जरूरी है। हालांकि बच निकलना ही पहली प्राथमिकता होती है फिर भी पायलट आत्मरक्षा के लिए भी तैयार रहते हैं। पहले सिर्फ पिस्तौल तक सीमित रहने वाले ये किट, अब आधुनिक जमाने में छोटे सर्वाइवल राइफल भी शामिल कर सकते हैं जिन्हें जरूरत पड़ने पर जोड़ा जा सकता है। हालांकि इनका इस्तेमाल आखिरी उपाय के तौर पर ही किया जाता है। सिराज/ईएमएस 06 अप्रैल 2026