कोंडागांव (ईएमएस)। जिले के मसोरा स्थित स्टॉप डेम इन दिनों सैकड़ों बत्तखों के झुंड के कारण आकर्षण का केंद्र बन गया है, यहां बड़ी संख्या में बत्तखें देखी गई हैं, जिससे यह क्षेत्र जीवंत हो उठा है। प्रवासी लेसर व्हिसलिंग डक पानी की सतह पर तैरती, गोते लगाती और समूह में चहलकदमी करती इन बत्तखों का दृश्य पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आकर्षित कर रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह और शाम के समय यह दृश्य और भी मनमोहक हो जाता है, जब बत्तखों का झुंड एक साथ जल क्रीड़ा करता है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, सभी इस नजारे को देखने के लिए डेम की ओर आते हैं। प्रशासन भी मसोरा स्टॉप डेम को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के प्रयास कर रहा है। यहां बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, साफ-सफाई और सौंदर्याकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि यह स्थल भविष्य में पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बन सके। इस प्राकृतिक सौंदर्य ने मसोरा स्टॉप डेम को एक नई पहचान दी है। यदि संरक्षण और विकास के प्रयास जारी रहते हैं, तो यह स्थल कोंडागांव के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है। यहां पाई जाने वाली बत्तखें मुख्य रूप से लेसर व्हिसलिंग डक (छोटी सिल्ही) हैं, जो भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाई जाती हैं। यह जलाशय राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-30 पर ग्राम पंचायत मसोरा के पास स्थित है। - सुधीर जैन/चंद्राकर/06 अप्रैल 2026