वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका के मशहूर अर्थशास्त्री और डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर आलोचक प्रोफेसर जेफरी ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध में भारत शांतिदूत की भूमिका निभा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के पास ब्रिक्स की अध्यक्षता है, इसके बाद ब्रिक्स और भारत मिलकर अमेरिका के भ्रम को दूर कर सकते हैं। इंटरव्यू में प्रोफेसर जेफरी ने कहा भारत के पास निश्चित रूप से वह कद, शक्ति और गरिमा है, जिससे वह अमेरिका के भ्रमों को न कह सके। उन्होंने कहा, जनसंख्या के मामले में भारत अमेरिका से चार गुना बड़ा है और अपने सभ्यतागत इतिहास के मामले में 10 गुना बल्कि उससे भी कहीं ज्यादा पुराना है। इसके बाद भारत अमेरिका से साफ-साफ कह सकता है कि अपना यह दुर्व्यवहार बंद करो। उन्होंने कहा कि मेरा सुझाव है कि भारत ये काम अपने दम पर नहीं बल्कि सामूहिक रूप से करे। रूस, चीन, ब्राजील और ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर करे। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं कि इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है। मैं ब्रिक्स को अत्यंत महत्वपूर्ण, प्रभावशाली और पूरी दुनिया के लिए लाभकारी मानता हूं। यह वैश्विक स्थिरता का एक मजबूत आधार है। दुनिया की आधी आबादी, दुनिया की आधी जीडीपी और कई प्रमुख देश इसके सदस्य हैं। अमेरिका के मशहूर अर्थशास्त्री ने कहा कि हम अमेरिका द्वारा संचालित दुनिया में नहीं जी रहे हैं। हम ऐसी दुनिया में नहीं हैं, जहां अमेरिका किसी दूसरे देश को पाषाण युग में धकेलने की धमकी दे। हम एक सभ्य दुनिया के नागरिक हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर पर आधारित है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के साथ बातचीत करना या उनसे निपटना कोई सुखद अनुभव नहीं होता। इस बात में मुझे रत्तीभर भी संदेह नहीं है। इसलिए बेहतर यही होगा कि यह काम अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर किया जाए। मैं भारत, चीन और रूस को केवल ब्रिक्स के सह-सदस्यों के रूप में ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सहयोगी के रूप में देखता हूं। आशीष दुबे / 06 अप्रैल 2026