अमेरिका में महंगाई की मार, जनता बगावत को तैयारी नई दिल्ली(ईएमएस)। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध जारी है। मिडिल ईस्ट जंग से ग्लोबल टेंशन भी हाई पर है और इसका बुरा असर दुनिया के तमाम देशों पर लगातार दिखाई दे रहा है। अब अमेरिका खुद भी इसकी चपेट में आ गया है और तेल-गैस संकट से जुझ रहा है। ईरान युद्ध के चलते महंगाई ने डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन बढ़ा दी है। हालात ये हैं कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमत बढ़ी है, तो ई-कॉमर्स डिलीवरी प्लेटफॉम्र्स से लेकर एयरलाइंस तक ने महंगाई का तगड़ा झटका दिया है। यही नहीं पोस्टल सर्विस भी महंगी होने वाली है। ईरान युद्ध के इस बुरे असर को लेकर कई एक्सपट्र्स ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ये ग्लोबल मार्केट है और अमेरिका इससे बच नहीं पाएगा। तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन की लागत में इजाफा होता है और इससे महंगाई की मार पडऩी तय है। ईरान के खिलाफ युद्ध का असर अब अमेरिकियों पर भी पडऩे लगा है। अमेजन ने अपनी ई-कॉमर्स डिलीवरी पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है, तो वहीं कुछ एयरलाइंस ने ईंधन की बढ़ती कीमतों की भरपाई के लिए चेक-इन बैगेज पर लगने वाली फीस को बढ़ा दिया है। बात अमेरिका में पेट्रोल-डीजल की कीमतों की बात करें, तो शुक्रवार को अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत बढक़र 4.09 डॉलर प्रति गैलन हो गई। ये ईरान के साथ अमेरिका का युद्ध शुरू होने से ठीक पहले की कीमत से एक डॉलर प्रति गैलन से भी अधिक है। जबकि, अगस्त 2022 के बाद पेट्रोल की कीमत का ये सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के मुताबिक, अमेरिका में डीजल की कीमत में भी बड़ा उछाल आया है। एक साल पहले यह 3.64 डॉलर प्रति गैलन थी, जो शुक्रवार को बढक़र 5.53 डॉलर प्रति गैलन हो गई। ट्रांसपोर्टेशन महंगा, यहां भी तगड़ी मार की तैयारी डीजल का इस्तेमाल खासतौर पर खेती, कंस्ट्रक्शन और ट्रांसपोर्ट के अलावा अन्य उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर होता है। इसकी कीमत में इजाफा होने से तमाम जरूरी सामान या कहें रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें तक महंगी हो जाती है, क्योंकि इनकी ट्रांसपोर्टेशन लागत में इजाफा होता है। ताजा असर देखें, तो ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अमेजन ने भी कहा है कि 17 अप्रैल से वह थर्ड-पार्टी सेलर्स पर 3।5 प्रतिशत का फ्यूल सरचार्ज लगाने जा रही है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट की बढ़ती लागत से निपटने के लिए वह पैकेज और एक्सप्रेस मेल डिलीवरी पर अस्थायी तौर पर 8 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज लगाने पर विचार कर रही है। सप्लाई चेन भी बुरी तरह से बाधित अगर ईरान के खिलाफ युद्ध और लंबा खिंचता है, तो इससे अमेरिका में सप्लाई चेन भी बुरी तरह से बाधित हो सकती है। न्यूयॉर्क की एनालिस्ट रचेल जिएंबा (जियो-पॉलिटिकल जोखिमों की सलाहकार) ने कहा है कि मुझे नहीं लगता कि अमेरिका इससे बच सकता है, ये वैश्विक बाजार है। एक हफ्ता पहले तक भी एस्पर्ट चिंतित थे, जबकि अब वे और भी ज्यादा चिंतित हो गए हैं। फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ शिकागो के चेयरमैन ऑस्टन गूल्सबी का कहना है कि, अगर ट्रांसपोर्ट की लागत बढऩे लगती है, तो इसका असर दूसरी कीमतों पर भी पड़ेगा। इसलिए मुझे लगता है कि यह असर तुरंत नहीं, तो आने वाले दिनों में दिखना शुरू हो जाएगा, आप देखेंगे कि उपभोक्ताओं पर इसका बोझ पडऩे लगेगा और उन्हें कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लोग पहले से ही जरूरी चीजों की उपलब्धता और जीवन-यापन की लागत को लेकर काफी चिंतित हैं और अब उनकी ये चिंता और भी बढ़ती हुई नजर आने वाली है। विनोद उपाध्याय / 06 अप्रैल, 2026