राज्य
06-Apr-2026


आयोग ने जनसंगठनों की आपत्ति को किया खारिज जबलपुर, (ईएमएस)। विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ता मंच सहित विभिन्न जनसंगठनों सहित लगाई गई उस आपत्ति को खारिज कर दिया, जिसमें घरों में सोलर पैनल से बिजली उत्पादन के फिक्स चार्ज से मुक्त करने की मांग की गई थी| आयोग ने फिक्स चार्ज को विद्युत अधिनियम 2003 के तहत वैधानिक बताते हुए आपत्ति को खारिज कर दिया| उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष डॉ.पीजी नाजपांडे ने बताया कि स्वयं खर्च कर उपभोक्ताओं के घरों के छतों पर स्थापित सोलर संयंत्र से बनी बिजली तथा उसके खपत पर फिक्स चार्ज लगाया जा रहा है। यह फिक्स चार्ज गलत है। नियामक आयोग ने यह आपत्ति को खारिज कर इस फिक्स चार्ज को सही माना 26 मार्च को जारी टैरिफ आदेश के पृष्ठ 190 इश्यू क्रमांक 23 में आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं द्वारा सोलर संयंत्र लगाने के बाद निर्मित बिजली हेतु बिजली कंपनियों के वितरण नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है। इस नेटवर्क के लागत की वसूली हेतु यह फिक्स चार्ज वसूला जा रहा है, जो विद्युत अधिनियम 2003 के तहत् है। फिक्स चार्ज बहुत ज्यादा............. उन्होंने बताया कि सोलर लगाने वाले उपभोक्ताओं के बिलों का विश्लेषण करने पर पाया गया कि लगाया जा रहा फिक्स चार्ज भारी भरकम है, वह सालाना 7 से 9 हजार प्रतिमाह लगभग 600 रू. है। लिहाजा राज्य सरकार से राहत प्रदान करने की मांग से संबंधित एक पत्र जनसंगठनों ने ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजा है। मंच के डॉ. पी.जी. नाजपांडे, रजत भार्गव, एड. वेदप्रकाश अधौलिया, टी.के. रायघटक, डी.के. सिंग, सुशीला कनौजिया, गीता पांडे, सुभाष चंद्रा, संतोष श्रीवास्तव, डी.आर. लखेरी पी.एस. राजपूत आदि ने फिक्स चार्ज में राहत देने की मांग की हैं। सुनील साहू / मोनिका / 06 अप्रैल 2026/ 06.24