मुंबई (ईएमएस)। आगामी 24 अप्रैल को कल्ट फिल्म देव डी एक बार फिर पीवीआर आइनॉक्स के जरिए चुनिंदा सिनेमाघरों में दोबारा रिलीज होगी। इस फिल्म में अभय देओल, माही गिल और कल्कि कोचलिन ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं। अपनी अनोखी कहानी, प्रयोगधर्मी शैली और यादगार संगीत के चलते यह फिल्म समय के साथ कल्ट का दर्जा हासिल कर चुकी है। अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी यह फिल्म शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के मशहूर उपन्यास ‘देवदास’ का आधुनिक रूपांतरण है, जिसमें पारंपरिक प्रेम कहानी को आज के भारत की जटिलताओं के साथ जोड़ा गया। अब इसकी दोबारा रिलीज पुराने दर्शकों के लिए नॉस्टैल्जिया का मौका है, वहीं नई पीढ़ी के लिए इसे बड़े पर्दे पर अनुभव करने का अवसर। फिल्म को लेकर अनुराग कश्यप का कहना है कि ‘देव डी’ एक विद्रोही सोच से बनी थी। वह क्लासिक ‘देवदास’ के रोमांटिक मिथक को तोड़कर उसके किरदार की कमजोरियों और जटिलताओं को सामने लाना चाहते थे। उनके मुताबिक, इस फिल्म का देव कोई आदर्श प्रेमी नहीं, बल्कि एक खामियों से भरा, आवेगी और कई बार नापसंद किया जाने वाला इंसान है, जो अपनी ही गलतियों में उलझा रहता है। फिल्म में पारो और चंदा के किरदारों को भी नई सोच के साथ गढ़ा गया। पारो को सिर्फ इंतजार करने वाली प्रेमिका नहीं, बल्कि अपने फैसले लेने वाली मजबूत महिला के रूप में दिखाया गया, जबकि चंदा का किरदार आत्मनिर्भरता और पहचान की नई परिभाषा पेश करता है। अमित त्रिवेदी का संगीत और राजीव रवि की सिनेमैटोग्राफी फिल्म को एक अलग ही अनुभव देते हैं। इस फिल्म की री-रिलीज के लिए अनुराग कश्यप काफी उत्सुक हैं। वो कहते हैं कि वो नई पीढ़ी का रिस्पांस देखने के लिए काफी उत्सुक हैं। फिल्म में अभय देओल ने भी अहम किरदार अदा किया था। अभय देओल ने याद किया कि जब उन्होंने अपने दोस्तों, जान-पहचान वालों और इंडस्ट्री के लोगों को ‘देव डी’ का कॉन्सेप्ट सुनाया था, तो सभी ने यही कहा कि यह फिल्म बहुत ‘आर्टिस्टिक’ है और कभी बन नहीं सकती। सुदामा/ईएमएस 07 अप्रैल 2026