क्षेत्रीय
07-Apr-2026
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- पोहा-जलेबी बेचकर गरीबों के हक की उठाई आवाज भोपाल (ईएमएस)। टीकमगढ़ शहर के व्यस्त सिविल लाइन रोड पर प्रशासन द्वारा की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद विवाद गहरा गया है। सोमवार को हुई इस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती खुद सडक़ पर उतर आईं। प्रशासन ने अस्पताल चौराहे से ईदगाह तक अभियान चलाकर 25 अवैध दुकानों को हटाया। यह कार्रवाई एसडीएम संस्कृति मुदित लिटोरिया और तहसीलदार सतेंद्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में की गई। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक के आधार पर उठाया गया था, जहां यातायात प्रभारी कैलाश पटेल ने इस मार्ग पर अव्यवस्था की समस्या उठाई थी। प्रशासन का कहना है कि फुटपाथों पर दुकानों के कारण सडक़ संकरी हो गई थी, जिससे एम्बुलेंस और मरीजों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। कई बार चेतावनी और मुनादी के बावजूद कब्जा नहीं हटाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। मंगलवार सुबह जब उमा भारती को इस कार्रवाई की जानकारी मिली, तो वे तुरंत अपने सिविल लाइन स्थित निवास से बाहर आईं और उसी सडक़ पर ठेला लगाकर पोहा-जलेबी बेचना शुरू कर दिया। उन्होंने इसे प्रशासन की तानाशाही करार देते हुए कहा कि गरीब दुकानदारों को हटाने से पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। दुकानदारों को दिया समर्थन और आश्वासन उमा भारती ने मौके पर मौजूद दुकानदारों से अपील की कि वे बिना डर अपने ठेले वापस लगाएं। उन्होंने कहा कि पार्षदों ने पहले ही प्रशासन को वेंडिंग जोन के लिए स्थान सुझाए थे, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे दुकानदारों के साथ खड़ी हैं और उनके ठेले हटने नहीं देंगी। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई की जानकारी उन्हें देर से मिली है और अब वे वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगी। साथ ही यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि छोटे दुकानदारों को सम्मानपूर्वक स्थान मिल सके। - विनोद / 07 अप्रैल 26