क्षेत्रीय
07-Apr-2026
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सागर (ईएमएस)। सागर में 07 अप्रैल 2026,मंगलवार को शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान दिल्ली पब्लिक स्कूल सागर में वर्ल्ड हेल्थ डे के अवसर पर जे.सी.आई. के नेतृत्व में डेंटल हैल्थ कैम्प का सफल आयोजन किया है। डेंटल हेल्थ कैम्प का उद्घाटन सुबह करीब दस बजे से विद्यालय के गतिविधि कक्ष में हुआ। जिसमें मुख्यातिथि द्वयै के रूप में डॉ. प्रियल जैन (एंडो डोंटिस्ट, सागर) डेंटिस्ट डॉ. परिधि जैन (सागर), तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सारांश जैन जेसीआई प्रेसिडेंट अध्यक्ष, सागर, अपूर्व जैन, अक्षय जैन जेसीआई सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गई। विद्यालय प्राचार्य डॉ. रविकान्त बाजपेयजुला ने आगंतुकों का पौधा भेंट कर अभिनंदन किया तथा कार्यक्रम की रूप - रेखा का विवरण दिया।सर्वप्रथम कार्यक्रम की मुख्यातिथि डॉ. प्रियल जैन (एंडो डोंटिस्ट, सागर) ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कक्षा आठवी से दसवी तक के विद्यार्थियों को डेंटल एण्ड ओरल हाइजीन का महत्व बताते हुए दाँतों से संबंधित होने वाली विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया तथा उपचार के उपाय तथा सावधानियाँ बताईं। तदुपरान्त विद्यार्थियों के लिए डेंटल ओरल हाइजीन पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन कराया। विद्यालय की कक्षा नवमीं की छात्रा आर्या जैन ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मुख्यातिथि द्वारा विजेता छात्रा को पुरुस्कृत किया गया।इसके पश्चात् डॉ. प्रियल जैन तथा उनकी सहायक डॉ. परिधि जैन ने विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के दाँतों के स्वास्थ्य की जाँच कर उपचार के उपाय सुझाए तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को स्टील की वॉटर बॉटल वितरित कर प्लास्टिक की बोतल में पानी न लाने की सलाह दी, जिसका उद्देश्य था, कि प्लास्टिक की उपयोगी को कम किया जा सके।हम आपको बताना चाहेंगे, कि इस सम्पूर्ण कार्यक्रम की रूप - रेखा इंजी. अर्चित जैन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ज्ञानसागर इंजीनियर कॉलेज सागर ने तैयार की थी और उन्हीं की देख - रेख में कैम्प का आयोजन कराया गया था। मौके पर उपस्थित निदेशक इंजी. अर्चित जैन ने विद्यार्थियों से सीधे बात कर उनसे कैम्प से हुए लाभ की जानकारी ली तथा दाँतों के रोग से संबंधित विद्यार्थियों को उचित इलाज लेने तथा स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह दी।डीपीएस सागर के निदेशक इंजी. राहुल सराफ ने डेंटल हेल्थ कैम्प की सराहना करते हुए कहा, कि ‘स्वस्थ्य शरीर में स्वस्थ्य मन’ का वास होता है और स्वस्थ्य मन पढ़ाई में सहायक होता है। बचपन और विद्यार्थी जीवन में असावधानी के चलते स्वस्थ्य संबंधित अनेक समस्याएँ आती हैं। समय रहते उनका उपचार होना आवश्यक है। विद्यार्थियों और उनके पठन - पाठन के बीच किसी भी प्रकार का अस्वस्थता आढ़े नहीं आना चाहिए।अंत में निदेशक अर्चित जैन ने हेल्थ कैम्प को संचालित कर रहे डॉक्टर्स व सहयोगी टीम को स्मृति चिह्न भेंट कर कैम्प की सफलता के लिए शुभ कामनाएँ दीं। निखिल सोधिया/ईएमएस/07/04/2026