ज़रा हटके
08-Apr-2026
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-इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर आज के समय में सबसे बड़ा हथियार, ताकत नहीं दिमाग की लड़ाई वाशिंगटन,(ईएमएस)। आधुनिक दौर में युद्ध इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर है यानी दुश्मन को मारने से पहले उसे अंधा और बहरा बना देना। इसी रणनीति के तहत अमेरिका ने एक ऐसा हथियार तैयार किया है जो बिना गोली चलाए ही दुश्मन की पूरी डिफेंस सिस्टम को बेकार कर सकता है। इसका नाम है ईए37बी कंपास कॉल। यह खतरनाक सिस्टम है? दरअसल यह एक एडवांस इलेक्ट्रॉनिक अटैक एयरक्राफ्ट है जिसका मुख्य काम है दुश्मन के कम्युनिकेशन सिस्टम को जाम कर देना। रडार सिग्नल को ब्लॉक कर देना। मिसाइल गाइडेंस को खराब कर देना यानी दुश्मन के पास हथियार तो होंगे, लेकिन वह उन्हें सही से इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस एयरक्राफ्ट में लगे होते हैं हाई पावर इलेक्ट्रॉनिक जैमर्स। जब यह एक्टिव होता है तो रेडियो फ्रीक्वेंसी पर हमला करता है। सिग्नल को डिस्टर्ब कर देता है और फिर फेक सिग्नल जनरेट कर देता है। इसका असर यह होता है कि रडार गलत जानकारी दिखाने लगता है। असली टारगेट की पहचान मुश्किल हो जाती है और मिसाइल गलत दिशा में जाने लगती है यानी बिना बम गिराए ही पूरा डिफेंस सिस्टम ठप। अब ईरान ने पिछले कुछ सालों में अपनी मिसाइल और ड्रोन ताकत को काफी बढ़ाया, लेकिन अमेरिका की रणनीति बहुत अलग है। सीधे टकराने के बजाय पहले दुश्मन के सिस्टम को कमजोर करो। अगर रडार ही काम नहीं करेगा तो मिसाइल किसे रोकेगी? यही वजह है कि इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर आज के समय में सबसे बड़ा हथियार बन चुका है। यह ताकत नहीं दिमाग की लड़ाई है। बता दें भारत पहले से अग्नि मिसाइल सीरीज पर काम कर रहा है और लगातार अपनी स्ट्राइक क्षमता बढ़ा रहा है, लेकिन भविष्य की लड़ाई में सिर्फ मिसाइल काफी नहीं। जरूरत होगी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग, साइबर अटैक, रडार, डिसरप्शन। सोचिए अगर भारत एक मिसाइल लॉन्च करे और उसी समय दुश्मन का रडार जाम हो जाए तो क्या होगा? एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइल को देख ही नहीं पाएगा। इंटरसेप्ट लॉन्च नहीं हो पाएगा। टारगेट हिट होने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी यानी यह एक डबल अटैक। भारत भविष्य में अपनी सबमरीन आधारित मिसाइलों से भी ऐसी टेक्नोलॉजी जोड़ सकता है। समुंदर के अंदर से मिसाइल लॉन्च, ऊपर से रडार जाम, दुश्मन को कुछ पता नहीं चला और यही होगी असली साइलेंट स्ट्राइक। खैर ईए37 कंपास कॉल जैसी टेक्नोलॉजी यह दिखाती है कि भविष्य की लड़ाई अब सिर्फ हथियारों की नहीं रही बल्कि इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल की है। जो देश दुश्मन के सिस्टम को जाम कर सकता है वही असली विजेता होगा। सिराज/ईएमएस 08 अप्रैल 2026