राष्ट्रीय
08-Apr-2026
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गुवाहाटी (ईएमएस)। इन दिनों भारतीय नागरिकता और पासपोर्ट चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। दरअसल असम विधानचुनाव के बीच कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया है कि सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास तीन देशों का पासपोर्ट है। आरोप के मुताबिक रिनिकी के पास यूएई, एंटीगा-बार्बूडा और इजिप्ट का पासपोर्ट है। इन सबकी वैधता 2027 से 2031 के बीच खत्म होने वाली है। कांग्रेस प्रवक्ता खेड़ा के इन आरोपों के बाद सीएम सरमा ने भी जवाब दिया है। उन्होंने इन आरोपों को कांग्रेसी प्रोपोगैंडा बताकर कहा कि उनकी पत्नी कांग्रेस नेता को जिंदगी भर जेल में सड़ाएगी। इस बीच सवाल उठता है कि क्या एक भारतीय नागरिक कई देशों का पासपोर्ट रख सकता है। बात दें कि पासपोर्ट एक्ट 1967 के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति ने गलत ढंग से पासपोर्ट हासिल किया है, तब अधिकारियों को पासपोर्ट जब्त करने का अधिकार है। इतना ही नहीं, अगर कोई व्यक्ति किसी अन्य पासपोर्ट को अनुचित रूप से हासिल करता है, तब उस रद्द किया जा सकता है। सेक्शन 12 के तहत पासपोर्ट को लेकर धोखाधड़ी, छुपाने या इसके दुरुपयोग पर दंडित किया जा सकता है। खासतौर पर गलत तरीके से कई पासपोर्ट रखने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। क्या देश में दोहरी नागरिकता की इजाजत है इस बारे में भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 9 में साफ प्रावधान है। इसके मुताबिक अगर कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता पाता है, तब उसकी भारतीय नागरिकता खुद ही खत्म होगी। इसके अलावा संविधान भी एक साथ भारतीय और विदेशी नागरिकता रखने की अनुमति नहीं देता। नागरिकता अधिनियम की धारा 7ए के तहत प्रस्तुत, ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया योजना उन कुछ भारतीय मूल के व्यक्तियों को भारत में आजीवन वीजा के साथ रहने और काम करने की अनुमति देता है जिन्होंने विदेशी नागरिकता ग्रहण की है। यह नागरिकता नहीं है और राजनीतिक अधिकार जैसे मतदान या सार्वजनिक पद धारण करने का अधिकार नहीं देता। इसके अलावा इस तरह की सुविधा प्राप्त लोगों पर भी कुछ प्रतिबंध लागू होते हैं। मसलन, इन्हें रिसर्च करने, मिशनरी पर्वतारोहण के लिए विशेष अनुमति की जरूरत होती है। नागरिकता नियम, 1956 के नियम 30 के तहत, अगर किसी व्यक्ति के पास विदेशी पासपोर्ट होने का मतलब उसने विदेशी नागरिकता ले ली है। सुप्रीम कोर्ट ने दीपाली कटिया चड्ढा बनाम भारत संघ (1995) के मामले में इस बात को स्वीकार किया है। चूंकि पासपोर्ट नागरिकता से जुड़ा है, इसलिए अगर किसी व्यक्ति के पास विदेशी पासपोर्ट है, तब उस शख्स को भारतीय नागरिक नहीं माना जाता है। एक व्यक्ति कानूनी रूप से एक ही समय में भारतीय पासपोर्ट और विदेशी पासपोर्ट नहीं रख सकता। ऐसा करना भारत में दोहरी नागरिकता पर प्रतिबंध के तहत अवैध होगा। पिछले साल, मोदी सरकार ने बीते पांच वर्षों में एक से अधिक भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोगों के 1,300 से अधिक मामलों की पहचान की। इन लोगों के लिए सुरक्षा के लिए खतरा माना गया। इसतरह के मामलों में, अधिकारी नियमित रूप से दस्तावेजों को रद्द कर देते हैं और पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू करते हैं। आशीष/ईएमएस 08 अप्रैल 2026