तेहरान,(ईएमएस)। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जल्द ही खुलने के आसार बन गए हैं। क्षेत्रीय तनाव के बीच हुए हालिया सीजफायर समझौते के बाद ईरान ने भी इस जलमार्ग को खोलने के लिए अपनी शर्तों पर सहमति जता दी है। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की आपूर्ति करने वाले जहाजों का आवागमन फिर से शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, इस राहत के साथ एक नई शर्त भी सामने आ रही है, जिसके अनुसार अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरान के साथ-साथ ओमान को भी टोल टैक्स या सुरक्षा शुल्क देना पड़ सकता है। मतलब साफ है कि होर्मुज जलमार्ग मुफ्त में नहीं खोला जाएगा। यद्यपि इस टैक्स को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन रणनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह शर्त सीजफायर के मसौदे का हिस्सा है। सूत्रों के मुताबिक, दो सप्ताह के सीजफायर प्लान के तहत ईरान और ओमान दोनों ही अपने जलक्षेत्र से निकलने वाले वाणिज्यिक जहाजों से फीस वसूलेंगे। बताया जा रहा है कि ईरान इस टैक्स से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग युद्ध या तनाव के कारण देश में हुए नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए करेगा, जबकि ओमान द्वारा इस राशि के उपयोग को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ऐतिहासिक रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान और ओमान के समुद्री जलक्षेत्र का हिस्सा होने के बावजूद एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता रहा है, जहां से अब तक जहाजों का आवागमन पूरी तरह निशुल्क था। भारत के लिए भी यह मार्ग सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ दिनों में शिवालिक, नंदा देवी और जग वसंद जैसे कई भारतीय जहाज इस क्षेत्र से होकर सुरक्षित पहुंचे हैं, लेकिन वर्तमान में भारतीय झंडे वाले करीब 16 जहाज वहां फंसे हुए हैं। भारत सरकार के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें फिलहाल किसी भी प्रकार के टोल भुगतान की आधिकारिक जानकारी नहीं है। इससे पहले तनाव चरम पर होने के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही 95 प्रतिशत तक गिर गई थी। हालांकि, ईरान ने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान को विशेष अनुमति देने की बात कही थी। इस बीच ईरान ने यह चेतावनी भी दी थी कि यदि अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयां नहीं रुकीं, तो वह यमन के हूती विद्रोहियों के जरिए बाब-अल-मंदेब जलमार्ग को भी बंद कर सकता है। फिलहाल, होर्मुज के खुलने की खबर वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है। वीरेंद्र/ईएमएस/08अप्रैल2026