व्यापार
08-Apr-2026


- नए मसौदे से निदेशक मंडल का समय प्रभावी होगा मुंबई (ईएमएस)। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को बैंकों के निदेशक मंडल के समय के बेहतर उपयोग और कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए दिशानिर्देशों में संशोधन और तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव रखा। मसौदा निर्देश जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किए जाएंगे। आरबीआई ने कहा कि वर्तमान में निदेशक मंडल स्वयं तय करते हैं कि किन विषयों को बैठक में रखा जाए। बोर्ड की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए अब ये निर्णय आरबीआई द्वारा निर्धारित सात व्यापक विषयों के आधार पर होंगे। आरबीआई का लक्ष्य है कि बोर्ड का ध्यान रणनीति और जोखिम प्रबंधन पर अधिक केंद्रित हो और गुणात्मक योगदान बढ़े। यह घोषणा एचडीएफसी बैंक के अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के हालिया इस्तीफे के कुछ सप्ताह बाद आई, जिन्होंने नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए 17 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दिया था। मल्होत्रा ने बताया कि हाल ही में 9,000 से अधिक नियामकीय निर्देशों को 238 मास्टर डायरेक्शन में समेकित किया गया और पर्यवेक्षण संबंधी निर्देशों का भी समेकन किया गया है। इसका उद्देश्य अनुपालन लागत कम करना और नियामकीय ढांचे को मजबूत करना है। एमएसएमई के कारोबार सुगमता के लिए आरबीआई ने टीआरडीएस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण के दौरान जांच-पड़ताल की अनिवार्यता हटाने का प्रस्ताव रखा। इससे एमएसएमई को समय पर कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना आसान होगा। टर्म मनी मार्केट के विकास के लिए आरबीआई ने इस बाजार में गैर-बैंक प्रतिभागियों को शामिल करने और एसपीडी की उधारी सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया। नए प्रतिभागियों में एनबीएफसी, आवास वित्त कंपनियां और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान शामिल होंगे। आरबीआई ने कहा कि अन्य मौजूदा निर्देशों की भी व्यापक समीक्षा की गई है और संबंधित मसौदा निर्देश जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किए जाएंगे, ताकि नियम और प्रक्रियाएं अधिक सरल और प्रभावी हो सकें। सतीश मोरे/08अप्रेल ---