- अदाणी पक्ष अब 30 अप्रैल तक फाइनल मोशन दाखिल कर मामले को खारिज कराने की दलीलें पेश करेगा न्यूयॉर्क (ईएमएस)। अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) द्वारा दायर धोखाधड़ी मामले में उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी ने अमेरिकी अदालत से याचिका खारिज करने की अनुमति मांगी। न्यूयॉर्क की पूर्वी जिला अदालत ने प्रतिवादियों की प्री‑मोशन कॉन्फ्रेंस याचिका को मंजूरी देते हुए दोनों पक्षों को बातचीत का समय तय करने का निर्देश दिया। मुकदमा नवंबर 2024 में शुरू हुआ था। एसईसी का आरोप है कि अदाणी समूह ने भारत में सौर ऊर्जा ठेके प्राप्त करने के लिए अधिकारियों को कथित रूप से 25 करोड़ डॉलर से अधिक की रिश्वत देने का प्रयास किया और अमेरिकी निवेशकों तथा बैंकों को योजना की जानकारी नहीं दी। अदाणी समूह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी विदेशी भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कोई उल्लंघन नहीं हुआ। अदाणी के वकीलों ने कहा कि मामला पूरी तरह भारत में हुआ और अमेरिकी कानून का क्षेत्राधिकार लागू नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि बॉन्ड बिक्री 75 करोड़ डॉलर की अमेरिका के बाहर हुई, निवेशकों को कोई नुकसान नहीं हुआ, और कथित बयान केवल सामान्य प्रशंसात्मक बातें थीं। अदालत को बताया गया कि अदाणी ग्रीन का अमेरिकी निवेशकों तक पहुंचने में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। न्यूयॉर्क की पूर्वी जिला अदालत ने प्रतिवादियों की याचिका स्वीकार करते हुए दोनों पक्षों को प्री‑मोशन बातचीत का समय तय करने का निर्देश दिया। अदाणी पक्ष अब 30 अप्रैल तक फाइनल मोशन दाखिल कर मामले को पूरी तरह खारिज कराने की दलीलें पेश करेगा। सतीश मोरे/08अप्रेल ---