लेख
08-Apr-2026
...


अल्पसंख्यक वर्ग से मोहिसिना किदवई भारतीय राजनीति में ऐसी शख्सियत रही है,जिन्होंने अपने बलबूते अपनी पहचान बनाई। मोहिसिना किदवई जीवनपर्यंत कांग्रेस व नेहरू-गांधी परिवार के प्रति वफादार रही है।तभी तो वे केंद्रीय मंत्री पद के उच्च शिखर तक पहुंची और संगठन में भी उनका खासा दखल रहा है। मोहिसिना ने 93 वर्ष की उम्र में दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में दुनिया को अलविदा कहा। मोहसिना किदवई के निधन से उत्तर प्रदेश में उनके गृहनगर बाराबंकी जिले में शोक की लहर व्याप्त है। उनके निधन पर कांग्रेस के साथ ही अन्य दलों के नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया है। मोहसिना किदवई की पहचान एक सुलझी हुई और प्रभावशाली राजनेता की रही है, उत्तर प्रदेश और केंद्र की राजनीति में लंबे समय तक उनका दबदबा रहा है।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत उत्तर प्रदेश सरकार में खाद्य एवं रसद मंत्री सतीश शर्मा, बीजेपी के प्रदेश महामंत्री और पूर्व सांसद प्रियंका रावत, अमीर हैदर, पूर्व सांसद पी एल पुनिया, सांसद तनुज पुनिया और पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने मोहसिना किदवई के निधन पर शोक व्यक्त किया है।मोहसिना किदवई का राजनीतिक जीवन बहुत लंबा व प्रभावशाली रहा है।कांग्रेस की कद्दावर नेताओं में गिनी जाने वाली मोहसिना किदवई ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नेतृत्व की केंद्र सरकारों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शहरी विकास, पर्यटन, परिवहन और ग्रामीण विकास जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली थी.।मोहसिना किदवई की ननिहाल और ससुराल, दोनों ही बाराबंकी जिले के मसौली क्षेत्र में रही। मोहसिना किदवई अक्सर अपने गांव जाया करती थीं। मोहसिना किदवई का जन्म 1 जनवरी सन 1932 को हुआ था। उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त कर सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रियता बढाई। उत्तर प्रदेश से राजनीतिक सफर शुरू करने वाली मोहसिना किदवई सियासत में सफलता की सीढ़ियां तेजी से चढ़ती चली गईं और राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत जगह बनाई।मोहसिना किदवई अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद के साथ ही लोकसभा और राज्यसभा की भी सदस्य भी रहीं। वह मेरठ से लोकसभा सांसद रहीं और बाद में राज्यसभा के लिए भी निर्वाचित हुईं।केंद्र में अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालने से पहले मोहसिना किदवई उत्तर प्रदेश सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, समाज कल्याण और लघु उद्योग जैसे विभागों में मंत्री के रूप में काम किया। मोहसिना किदवई को एक मजबूत, अनुभवी और जमीन से जुड़ी नेता के रूप में जाना जाता था।मोहिसिना किदवई को चाहने वाले कार्यकर्ता आखिरी समय तक उनके मुरीद रहे ,वे भी उनसे अपनत्व के साथ मिलती थी।नारी शक्ति की प्रतीक मोहिसिना को मेरा शत शत नमन। (लेखक आध्यात्मिक चिंतक व वरिष्ठ पत्रकार है) ईएमएस / 08 अप्रैल 26