राज्य
08-Apr-2026


जयपुर (ईएमएस)। प्रदेश में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा) में चार दिवसीय जनगणना-2027 मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि देश में पहली बार जनगणना डिजिटल होने जा रही है। यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य मिनिमम गवर्नमेंट—मैक्जिमम गवर्नेंस की अवधारणा को साकार करना है, जिसमें तकनीक के माध्यम से नागरिकों और सरकार को जोडक़र नवाचार को बढ़ावा दिया जाए तथा सुशासन स्थापित किया जाए। उन्होंने उपस्थित मास्टर ट्रेनर्स को कहा कि यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और वे इस अवसर का कुशल उपयोग कर इस जन-आंदोलन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक श्री बिष्णु चरण मल्लिक ने बताया कि इस चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य सरकार के 70 अधिकारी तथा जनगणना निदेशालय के 33 अधिकारी सहित कुल 103 अधिकारी मास्टर ट्रेनर के रूप में भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण के पश्चात जिलास्तर पर लगभग 2550 फील्ड ट्रेनर्स को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो आगे लगभग 1 लाख 60 हजार प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को विभिन्न चार्ज स्तरों पर प्रशिक्षित करेंगे।उन्होंने जानकारी दी कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना से संबंधित अवधारणाएं एवं परिभाषाएं, मकान सूचीकरण के प्रश्न, डेटा संग्रह की प्रक्रिया, एचएलओ मोबाइल ऐप एवं सीएमएमएस पोर्टल का उपयोग तथा डेटा गोपनीयता प्रोटोकॉल से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की जाएगी। श्री मल्लिक ने बताया कि जनगणना 2027 मानकीकरण, डिजिटलीकरण एवं उत्तरदायित्व जैसे तीन प्रमुख तकनीकी सिद्धांतों पर आधारित है।राज्य जनगणना नोडल अधिकारी श्री भवानी सिंह देथा ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य में जनगणना कार्य को सफल, पारदर्शी एवं सटीक रूप से संपन्न कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत प्रदेश में 1 मई से 15 मई तक स्वगणना तथा 16 मई से 14 जून तक मकान सूचीकरण की प्रक्रिया संचालित की जाएगी।प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक दोनों प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रथम सत्र में प्रशिक्षण ढांचे एवं प्रशिक्षकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई, दूसरे सत्र में प्रशिक्षकों हेतु आवश्यक कौशलों पर प्रदर्शन आधारित प्रशिक्षण दिया गया। तृतीय सत्र में जनगणना 2027 का परिचय एवं प्रगणकों तथा पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण की पद्धति पर प्रकाश डाला गया।चौथे एवं पांचवें सत्र में जनगणना की आधारभूत अवधारणाओं एवं परिभाषाओं के साथ-साथ प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के साथ सहभागिता की पद्धति को विस्तार से समझाया गया।कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर महानिदेशक, एचसीएम रीपा श्रीमती श्रेया गुहा एवं अतिरिक्त महानिदेशक श्री शाहीन अली खान भी उपस्थित रहे। अशोक शर्मा/ 5 बजे/ 8 अप्रेल 2026