जयपुर (ईएमएस)। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा की अध्यक्षता में मंत्रालय भवन में राज्य में घरेलू एवं वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था तथा पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के उच्चाधिकारी एवं ऑयल गैस मार्केटिंग कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में राज्यभर में एलपीजी गैस आपूर्ति की स्थिति, वितरण प्रणाली और पीएनजी विस्तार पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु बनी हुई है तथा गैर घरेलू क्षेत्रों में भी मांग के अनुरूप आपूर्ति लगातार बढ़ रही है। बैठक में तेल एवं गैस कंपनियों के अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में गैस सिलेंडर की औसत डिलीवरी अवधि 4.5 दिन के भीतर सुनिश्चित की जा रही है।विवाह समारोह हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में दो तथा शहरी क्षेत्र में तीन वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति गोदारा ने आमजन को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विवाह समारोहों के लिए एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह समारोह के लिए 19 किलोग्राम के दो वाणिज्यिक गैस सिलेंडर तथा शहरी क्षेत्रों में विवाह समारोह के लिए 19 किलोग्राम के तीन वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे लोगों को वैकल्पिक ईंधन की समस्या का सामना न करना पड़े। वाणिज्यिक सिलेंडर प्राप्त करने के लिए विवाह के कार्ड को सलंग्न कर संबंधित डीएसओ को आवेदन करना होगा। आवेदन प्राप्त करने के उपरांत डीएसओ द्वारा क्षेत्र की गैस एजेंसी से संपर्क कर वाणिज्यिक सिलेंडरों की व्यवस्था करवाई जाएगी। समीक्षा बैठक में पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शनों के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया। श्री गोदारा ने संबंधित अधिकारियों एवं गैस आपूर्ति कंपनियों को निर्देशित किया कि वे प्रभावी रूप से कार्य करते हुए नए पाइपलाइन बिछाने, नए पीएनजी कनेक्शन देने तथा आमजन और उद्योगों के बीच पीएनजी के लाभों के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने का कार्य करें। समीक्षा बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिना ई-केवाईसी के किसी भी उपभोक्ता को एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो और पात्र व्यक्तियों को ही लाभ मिल सके। साथ ही समीक्षा बैठक में श्री गोदारा ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि नवगठित नगरपालिकाओं को ग्रामीण क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाए, क्योंकि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर बुकिंग अवधि के बीच अंतराल होता है। अशोक शर्मा/ 5 बजे/ 8 अप्रेल 2026