रायपुर (ईएमएस)। पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने और फर्जी एमबीबीएस एवं बीएएमएस डिग्री बनाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य आरोपी सुनील प्रताप भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अलग-अलग राज्यों के लोगों को सरकारी नौकरी और मेडिकल डिग्री दिलाने का झांसा देकर करीब 2 करोड़ 34 लाख रुपये की ठगी की है। आरोपियों द्वारा अब तक 30 से अधिक लोगों के लिए फर्जी डिग्रियां तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह मामला 17 फरवरी 2026 को सामने आया, जब प्रार्थी संजय निराला ने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर, राकेश रात्रे सहित अन्य लोगों ने नौकरी और फर्जी प्रमाण पत्र दिलाने के नाम पर बड़ी रकम वसूल की, लेकिन न नौकरी दिलाई और न ही वैध दस्तावेज दिए। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 96/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पहले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी सुनील प्रताप नई दिल्ली की पहचान हुई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 7 अप्रैल 2026 को सुनील प्रताप को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और कई फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पूछताछ में सामने आया कि वह इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड है और डी.वाई. पाटिल विश्वविद्यालय, पुणे के नाम पर फर्जी मेडिकल डिग्रियां तैयार करवा रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है और मामले की आगे जांच जारी है। सत्यप्रकाश /चंद्राकर/08 अप्रैल 2026