08-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट हो या हाईकोर्ट, आमतौर पर अदालतों में मोबाइल फोन ले जाना ठीक नहीं माना जाता है। इस लेकर नियम बने हुए हैं। हालांकि, बीते दिनों देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत अपना मोबाइल लेकर सुप्रीम कोर्ट स्थित अपने कोर्ट रूम पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में पहली बार ऐसा किया है। इसके पीछे कारण का खुलासा कर सीजेआई ने कहा कि उन्होंने एसआईआर को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का संदेश देखना था, इसकारण मोबाइल फोन लेकर कोर्ट रूम आना पड़ा। कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल के संदेश को पढ़कर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, दरअसल, मुझे अभी याद आया कि यह पहली बार है जब मैं अदालत में मोबाइल फोन लाया हूं। मैंने अपने जीवन में पहले कभी ऐसा नहीं किया। इतना सुनते ही वहां मौजूद वकील भी मुस्कुरा दिए। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से बाहर हुए करीब 60 लाख लोगों के दावों और आपत्तियों का आज ही निस्तारण किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि राज्य में केंद्रीय बल तैनात रहने वाले है। शीर्ष अदालत ने महिला न्यायिक अधिकारी का अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताने वाला वीडियो देखने के बाद कहा कि हाल के दिनों में जिस तरह की घटनाएं हुई हैं, उन्हें देखकर बंगाल से केंद्रीय बलों को वापस नहीं बुलाया जाएगा। कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों को मिली कथित धमकियों और उनके कामकाज में बाधा डालने पर चिंता जताकर कहा कि यदि सरकारी तंत्र सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहता है, तब वह उपयुक्त उपायों पर विचार करेगा। सीजेआई सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा, यदि सरकारी तंत्र विफल होता है, तब सोचा जाएगा कि क्या किया जा सकता है। आशीष दुबे / 08 अप्रैल 2026