-करोड़ों मतदाता, हजारों उम्मीदवार और कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान नई दिल्ली। असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की किस्मत 9 अप्रैल को ईवीएम में बंद हो जाएगी। इन सभी सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया एक ही चरण में पूरी की जाएगी। असम में कुल 2.5 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.25 करोड़ पुरुष, 1.25 करोड़ महिलाएं और 343 तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं। असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 722 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इसी तरह से केरल विधानसभा की 140 सीटों के लिए 890 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। यहां मुकाबला त्रिकोणीय है। वहीं, पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं, जिनमें से पांच सीटें अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित हैं। यहां कुल 9.44 लाख मतदाता हैं, जिनमें लगभग 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं। असम में व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था असम चुनाव के लिए 31,490 पोलिंग स्टेशनों पर 25,054,463 मतदाता मताधिकार के हकदार हैं और इन सभी मतदान केंद्रों की निगरानी लाइव वेबकास्ट के ज़रिए की जाएगी। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय से जारी जानकारी में कहा गया है कि सीईओ अनुराग गोयल की अगुवाई में सभी संबंधित अधिकारी मतदान प्रक्रिया से जुड़ी अपनी ज़िम्मेदारियां देख रहे हैं। कानून-व्यवस्था और चुनाव खर्च समेत सभी पहलुओं की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने पहले ही केंद्रीय पर्यवेक्षकों को तैनात कर दिया है। वेबकास्टिंग और केंद्रीय बलों की तैनाती निगरानी व्यवस्था और मज़बूत करने के लिए आयोग के निर्देशों के मुताबिक वेबकास्टिंग की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। सभी 31,490 पोलिंग स्टेशनों पर वेबकास्टिंग की सुविधाएं चालू कर दी गई हैं, इनमें 31,486 मुख्य मतदान केंद्र और 4 सहायक मतदान केंद्र शामिल हैं। इससे ज़िला चुनाव अधिकारियों, मुख्य चुनाव अधिकारी और भारत के चुनाव आयोग के दफ़्तरों से मतदान प्रक्रिया की रियल-टाइम (लाइव) निगरानी करना मुमकिन हो पाएगा। इसके अलावा, मतदान केंद्रों पर सुरक्षा पक्की करने के लिए, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ, जिनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान भी शामिल हैं, को तैनात किया गया है। मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सूक्ष्म-पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया गया है। मतदान कर्मियों और मशीनों की व्यवस्था चुनावी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कुल 151,132 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है। मतदान प्रक्रिया के लिए 41,320 बैलेट यूनिट, 43,975 कंट्रोल यूनिट और 43,997 वीवीपैट मशीनों का इंतज़ाम किया गया है, इनमें आपातकालीन स्थितियों में इस्तेमाल के लिए रिज़र्व में रखी गई मशीनें भी शामिल हैं। ज़रूरत पडऩे पर इस्तेमाल के लिए अतिरिक्त मतदान कर्मियों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। 4 मई को होगी मतगणना देश के सभी पांच राज्यों की मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना 04 मई को होगी।