केंद्रीय गृहमंत्री वर्चुअल जुड़े, हजारों की तादाद में जुटे श्रद्धालु जबलपुर, (ईएमएस)। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) जबलपुर चैप्टर के तत्वाधान में‘विश्व नवकार मंत्र दिवस’ का भव्य आयोजन गोलबाजार स्थित डी.एन. जैन ग्राउंड में किया गया| इस महाजाप में करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने एक साथ नवकार मंत्र का जाप कर विश्व शांति का संदेश दिया। कार्यक्रम में शहर के जनप्रतिनिधियों और विभिन्न समाजों के प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से जबलपुर के सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, विधायक अभिलाष पांडे, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, पूर्व विधायक विनय सक्सेना, कांग्रेस पार्षद दल के सचेतक अयोध्या बंटी तिवारी, नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा, पार्षद अतुल दानी, सिख संगत प्रमुख हरेंद्र सिंह बब्बू सहित अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा दिगंबर जैन पंचायत सभा के अध्यक्ष कैलाश जैन एवं श्वेतांबर जैन सभा के अध्यक्ष ज्ञान गोलछा की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान नवकार मंत्र की संगीतमय प्रस्तुति प्रशांत जैन रानू एवं सिद्धांत जैन , तेरापंथ महिला मंडल सदर, प्रशंसा जैन द्वारा दी गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। गौरतलब है कि इस अवसर पर देश-विदेश के 108 जीतो चैप्टर के लगभग 6 हजार स्थानों पर एक साथ नवकार मंत्र का जाप किया गया। जबलपुर के आयोजन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की वर्चुअल उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय महत्व प्रदान किया। इस सफल आयोजन के साथ जबलपुर ने एक बार फिर स्वयं को वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित किया है, जहां से शांति, अहिंसा, प्रेम और एकता का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा। इसमें बड़ी संख्या में स्त्री-पुरुष, बच्चों और बुजुर्गों ने एक साथ एक स्वर में णमोकार मंत्र का जाप किया। कार्यक्रम में जहां जैन धर्मावलम्बी बहुत बड़ी संख्या में शामिल हुए वहीं समाज के प्रत्येक वर्ग से आए लोगों ने इसमें शिकरत कर आध्यात्मिकता का अनुभव किया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और णमोकार मंत्र के आध्यात्मिक महत्व को प्रतिपादित किया| गुरुवार को पूरे विश्व के 108 देशों में णमोकार मंत्र दिवस पर देशों में यह आयोजन किया गया| सभी जगह श्रद्धालु एकत्र हुए हैं| यह एक ऐतिहासिक और यादगार अध्यात्म पर्व बन गया है। सुनील साहू / मोनिका / 09 अप्रैल 2026/ 06.11