09-Apr-2026
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-जयवर्धन सिंह का तीखा हमला एमपी प्रदेश में केवल 25 प्रतिशत किसानों का गेहूं खरीदेगी सरकार, बाकी भगवान भरोसे - गुना और भोपाल के बीच भेदभाव का आरोप; बोले- केंद्रीय मंत्री तय करें कि उनकी प्राथमिकता क्या है? गुना (ईएमएस)। जिला कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व मंत्री और विधायक जयवर्धन सिंह ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सरकारी दावों की पोल खोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री भले ही हर दाने की खरीदी का दम भरें, लेकिन हकीकत में मध्यप्रदेश का 75 प्रतिशत किसान समर्थन मूल्य के लाभ से वंचित रह जाएगा। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि सरकारी व्यवस्था इतनी लचर है कि देशभर में केवल 30 प्रतिशत और मध्यप्रदेश में महज 25 प्रतिशत किसानों की ही उपज सरकार खरीद पाएगी। जयवर्धन सिंह ने सरकार पर क्षेत्रीय भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि गुना की सीमा भोपाल से सटी हुई है। भोपाल में गेहूं की खरीदी 9 अप्रैल से शुरू हो चुकी है, लेकिन गुना के किसानों को 15 अप्रैल तक का इंतजार करने को कहा जा रहा है। यहां स्लॉट बुकिंग भी 12 अप्रैल से शुरू होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसान 10 दिनों से उपज लेकर मंडियों में खड़ा है, तो उसे तत्काल आॅफलाइन खरीदी की सुविधा क्यों नहीं दी जा रही? गेहूं के गिरते दामों के लिए जयवर्धन ने केंद्र सरकार की निर्यात नीति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया सरकार केवल 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं का निर्यात कर रही है, जबकि एफसीआई के गोदामों में 185 लाख मीट्रिक टन गेहूं धूल खा रहा है। अगर सरकार निर्यात बढ़ाती, तो बाजार में गेहूं के दाम अपने आप बढ़ जाते और किसानों को एमएसपी के लिए भटकना नहीं पड़ता। क्षेत्रीय राजनीति और केंद्रीय नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए जयवर्धन ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम लिए बिना चुटकी ली। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बड़े नेताओं को अब यह तय करना होगा कि उनकी प्राथमिकता क्या है? वे चुनाव के समय तो बड़े वादे करते हैं, लेकिन आज जब क्षेत्र का किसान संकट में है और उसे न्याय नहीं मिल पा रहा, तब वे मौन क्यों हैं? जयवर्धन सिंह ने कहा कि भाजपा ने 2600 रुपये प्रति क्विंटल में गेहूं खरीदने का वादा किया था, लेकिन आज किसान मजबूरी में 2100 से 2300 रुपये के भाव पर अपनी मेहनत की कमाई बेच रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जामनेर, पनवाड़ी हाट, चांचौड़ा और बमौरी में तत्काल खरीदी केंद्र बढ़ाए जाएं। ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को बिना देरी किए मुआवजा दिया जाए। आॅनलाइन की पेचीदगियों को देखते हुए आॅफलाइन खरीदी का विकल्प अनिवार्य रूप से शुरू हो। जयवर्धन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को समय पर न्याय और सही दाम नहीं मिला, तो कांग्रेस आंदोलन को और उग्र करेगी। - सीताराम नाटानी