09-Apr-2026
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:: कलेक्टर के निर्देश पर परिवहन उड़नदस्ते ने राऊ में की सघन चेकिंग, सुरक्षा मानकों में फेल 13 बसों पर 70 हजार का जुर्माना :: इंदौर (ईएमएस)। मासूमों और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर इंदौर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के कड़े निर्देश पर गुरुवार को आरटीओ और परिवहन उड़नदस्ते ने राऊ क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों की बसों के खिलाफ विशेष घेराबंदी की। इस दौरान सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी उजागर हुई, जहाँ एक ही कॉलेज की चार बसें अनफिट पाई गईं। प्रशासन ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए इनकी फिटनेस मौके पर ही निरस्त कर दी। आरटीओ प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में संचालित इस अभियान में अधिकारियों ने केवल कागजों की खानापूर्ति नहीं की, बल्कि वाहनों का गहन भौतिक सत्यापन भी किया। टीम ने बसों के परमिट और बीमा के साथ-साथ फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता और स्पीड गवर्नर की सक्रियता को बारीकी से परखा। इसके अलावा, अधिकारियों ने बस में सवार बच्चों और उनके अभिभावकों से सीधा संवाद कर चालकों के व्यवहार, तेज रफ़्तार और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल के उपयोग जैसे गंभीर बिंदुओं पर गोपनीय फीडबैक भी लिया। :: बिना फिटनेस दौड़ रही थी बस, मौके पर कड़ा दंड :: जांच के दौरान लापरवाही का आलम यह था कि एक बस बिना किसी वैध फिटनेस के ही विद्यार्थियों को लेकर सड़क पर दौड़ रही थी, जिस पर प्रशासन ने तत्काल भारी जुर्माना ठोक दिया। अधिकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और परमिट शर्तों के उल्लंघन के मामलों में कुल 13 वाहनों को दोषी पाया गया। विभाग ने इन लापरवाह संचालकों से कुल 70 हजार रुपये का जुर्माना वसूल कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि बच्चों की जान जोखिम में डालने वालों के लिए व्यवस्था में कोई जगह नहीं है। :: निरंतर जारी रहेगी चेकिंग, संचालकों को सख्त हिदायत :: इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में एआरटीओ अर्चना मिश्रा, राजेश गुप्ता और संभागीय परिवहन उड़नदस्ता प्रभारी आकाश सिटोले सहित भारी अमला मुस्तैद रहा। आरटीओ विभाग ने जिले के सभी स्कूल और कॉलेज संचालकों को दो टूक चेतावनी दी है कि वे अपने वाहनों का संचालन हर हाल में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित करें। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह आकस्मिक जांच अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा और त्रुटि पाए जाने पर वाहनों की जब्ती व परमिट निरस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रकाश/09 अप्रैल 2026