अंतर्राष्ट्रीय
10-Apr-2026
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तेहरान(ईएमएस)। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने वाले जहाजों का रास्ता रोकने ले लिए ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री बारुद अब चुनौती बन गई है। कुछ ही हजार डॉलर खर्च करके इसे बिछा दिया गया, लेकिन हटाने के लिए लाखों डॉलर खर्च करना पड़ेंगे। इसके साथ ही इस काम के लिए करीब 6 माह का समय लगेगा। तभी सुचारु रुप से जहाजों का सुरक्षित तरीके से आवागमन हो पाएगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में यह कार्य इसलिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि यहां पानी का बहाव बहुत तेज है और गहराई असमान है, जिससे माइंस अपनी जगह बदलती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारी मात्रा में माइंस बिछाई गई हैं, तो इन्हें पूरी तरह साफ करने में 6 महीने से 1 साल का समय लग सकता है। एक माइन बिछाने में तो कुछ हजार डॉलर लगते हैं, लेकिन उसे ढूंढकर नष्ट करने में लाखों डॉलर का खर्च आता है। जब तक यह क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता, तब तक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और तेल टैंकरों के लिए खतरा बरकरार रहेगा। इन घातक विस्फोटकों को हटाने के लिए चार प्रमुख तरीके अपनाए जाते हैं। पहला माइन्सवीपर जहाजों का उपयोग है, जो लकड़ी या फाइबरग्लास से बने होते हैं ताकि मैग्नेटिक माइंस उन्हें पहचान न सकें। ये जहाज पानी के नीचे जाल बिछाकर माइंस की चेन काट देते हैं, जिससे वे सतह पर आ जाती हैं और उन्हें नष्ट कर दिया जाता है। दूसरा तरीका सिमुलेशन का है, जिसमें कृत्रिम शोर या चुंबकीय क्षेत्र पैदा कर माइंस को खाली समंदर में ही ब्लास्ट कर दिया जाता है।आधुनिक तकनीक में अब अंडरवॉटर ड्रोन्स और रोबोट्स का बोलबाला है, जो सोनार की मदद से माइंस ढूंढकर उन्हें रिमोट कंट्रोल से डिफ्यूज करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी नेवी डॉल्फिन और सी-लायंस जैसे प्रशिक्षित जानवरों का भी उपयोग करती है, जिनकी प्राकृतिक संवेदी क्षमता मशीनों से भी तेज होती है। सी माइंस को समंदर के शांत शिकारी कहा जाता है। ये विस्फोटक महीनों तक पानी के नीचे छिपे रह सकते हैं और किसी भी जहाज के संपर्क में आते ही उसे तबाह कर सकते हैं। ये मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती हैं: जहाज के टकराने पर फटने वाली कॉन्टैक्ट माइंस, लोहे को महसूस करने वाली मैग्नेटिक माइंस और इंजन के शोर से सक्रिय होने वाली एकॉस्टिक माइंस। बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद दुनिया ने राहत की सांस ली है। इस समझौते के तहत सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने का ऐलान किया गया है, जिससे भारत सहित वैश्विक व्यापारिक जहाजों का रास्ता साफ हो सकेगा। हालांकि, इस शांति के बीच एक बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने समंदर के भीतर घातक सी माइंस (समुद्री सुरंगें) बिछा रखी हैं। वर्तमान में केवल कुछ सौ मीटर का गलियारा सुरक्षित है, जिसके लिए ईरान ने विशेष कोड जारी किए हैं। वीरेंद्र/ईएमएस 10 अप्रैल 2026