- पत्नी ने पति के व्यवहार के चलते उसके साथ रहने से किया इंकार, कोर्ट ने कहा ठीक है अपनी मर्जी से रहो, पति की याचिका खारिज इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर अपने पूर्व आदेश के बाद उज्जैन पुलिस द्वारा पेश महिला के बयान सुन उसे उसकी मर्जी से रहने की अनुमति देते याचिका खारिज कर दी। यह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका महिला के पति द्वारा ही लगाई गई थी जिसमें उसने अपने ससुराल वालों पर जबरन उसकी पत्नी को अपने पास रोककर रखने का आरोप लगाते कोर्ट को बताया था कि वे उसे उसके पास नहीं आने दे रहे हैं। उज्जैन जिले के तराना निवासी इस किसान ने हाईकोर्ट से याचिका द्वारा उसकी पत्नी उसे सौंपे जाने की गुहार लगाई थी, जिस पर पिछली सुनवाई में कोर्ट ने उज्जैन पुलिस को महिला को कोर्ट में पेश करने के आदेश जारी किए थे। जिस पर उज्जैन पुलिस ने महिला को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के समक्ष महिला ने इस बात को स्वीकार किया कि उसने याचिकाकर्ता से शादी की थी, लेकिन उसके व्यवहार के कारण वो उसके साथ नहीं रहना चाहती है। इसके बाद कोर्ट ने महिला को अपनी मर्जी से रहने की आजादी देते हुए मामले में किसी भी तरह का आदेश पारित करने की जरूरत नहीं समझते हुए याचिका को खारिज कर दिया। आनंद पुरोहित/ 10 अप्रैल 2026