राष्ट्रीय
10-Apr-2026


-भारी बर्फबारी और क्षतिग्रस्त रास्तों के चलते प्रशासन सख्त चंबा,(ईएमएस)। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा पर फिलहाल प्रतिबंध लगा दिया गया है। भरमौर के एसडीएम ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि धंछो, गौरीकुंड और मणिमहेश परिक्रमा मार्ग पर सख्त निगरानी रखी जाए और किसी भी यात्री को धंछो से आगे न जाने दिया जाए। प्रशासन के अनुसार, कुछ श्रद्धालु बिना सूचना के चोरी-छिपे यात्रा पर जाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि क्षेत्र में अभी भी 4-5 फीट तक बर्फ जमी हुई है। हाल ही में हुई ताजा बर्फबारी और पिछले साल की भारी बारिश व बादल फटने की घटनाओं से रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे यात्रा बेहद खतरनाक हो गई है। एसडीएम ने अपने आदेश में कहा कि कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 14 अप्रैल को खुल रहे हैं, जिसके चलते श्रद्धालु क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। इस दौरान कुछ लोग मणिमहेश की ओर भी बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने हड़सर के मुख्य गेट पर वाहनों की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही यात्रियों को मार्ग की वास्तविक स्थिति से अवगत कराकर उन्हें आगे बढ़ने से रोका जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। स्थानीय ग्राम पंचायतों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सूचना बोर्ड और पोस्टर लगाकर लोगों को संभावित खतरों के प्रति जागरूक करें। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण भरमौर क्षेत्र में करीब 25 हजार श्रद्धालु फंस गए थे और लगभग 26 लोगों की जान चली गई थी। कई रास्ते पूरी तरह बह गए थे और अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो सके हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मणिमहेश यात्रा की आधिकारिक शुरुआत अगस्त में कृष्ण जन्माष्टमी से होती है और राधाष्टमी तक चलती है। फिलहाल सुरक्षा को देखते हुए यात्रा पर रोक जारी रहेगी। हिदायत/ईएमएस 10मार्च26