क्षेत्रीय
10-Apr-2026
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ग्वालियर ( ईएमएस ) | गर्भवती अवस्था में संतुलित और पोषक आहार का क्या महत्व है, यह जानकारी पोषण पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत वार्ड-10 स्थित कोटेश्वर कॉलोनी व वार्ड-9 स्थित रंगियाना मोहल्ला में आयोजित किए गए विशेष स्वास्थ्य शिविर में माताओं को दी गई। माताओं को बताया गया कि पोषक आहार गर्भवस्था के दौरान बेहद आवश्यक है। इसके साथ ही शिशु को 6 माह तक माता के दूध का सेवन कराया जाना चाहिए, जिससे शिशु का बेहतर विकास हो सके। पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत शुक्रवार को विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें माताओं एवं बहनों को गर्भवस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि गर्भवस्था के दौरान माताएं भारी वजन नहीं उठाएं। साथ ही नियमित रूप से पौष्टिक आहार लें, जिससे गर्भवस्था के दौरान शिशु स्वस्थ्य रहे। माताओं को गर्भवस्था के दौरान नियमित रूप से आयरन की गोलियों का सेवन करने की सलाह दी गई जिससे माताओं में खून की कमी नहीं हो। इसके साथ ही माताओं को यह जानकारी भी दी गई कि गर्भवस्था के दौरान उन्हें किन-किन सब्जियों, फलों का सेवन ज्यादा करना चाहिए। साथ ही बताया कि शिशु के जन्म के 6 माह तक दूध का सेवन कराया जाए। 6 माह के उपरांत बच्चे को दूध के साथ ऊपरी आहार का नियमित रूप से सेवन कराने की शपथ दिलवाई गई। साथ ही माताओं को टी.टी के टीके लगवाने, साफ-सफाई के साथ शिशुओं को पौष्टिक आहार देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्हें बताया गया कि शिशुओं के मस्तिष्क का 90 प्रतिशत भाग प्रारम्भ के तीन वर्षों में विकसित होता है, इसलिए बच्चों के खान-पान का विशेष ध्यान रखें। कार्यशाला में विविध व्यंजनों से युक्त पोषण प्रदर्शिनी भी लगाई गई। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री मनोज कुमार गुप्ता, परियोजना शहर-1 ग्वालियर, पर्यवेक्षक साधना शर्मा, साविता शिरोमणि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं व जनसमुदाय उपस्थित था।