कबीर के वायरल ऑडियो क्लिप के पीछे सत्ताधारी पार्टी टीएमसी का हाथ कोलकाता,(ईएमएस)। केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के चाणक्य अमित शाह ने कोलकाता में भाजपा का चुनावी घोषणापत्र जारी करने के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को छोड़ चुके हुमायूं कबीर से जुड़े स्टिंग विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दो टूक कहा कि भाजपा सत्ता के लिए किसी भी कीमत पर बाबरी मस्जिद बनाने वालों से गठबंधन नहीं करने वाली है। उन्होंने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर तंज कस कर इशारा किया कि कबीर के वायरल ऑडियो क्लिप के पीछे सत्ताधारी पार्टी का ही हाथ है। इस क्लिप में कबीर कथित तौर पर राज्य के भाजपा नेताओं को टीएमसी को सत्ता से हटाने में पूरा समर्थन देने का भरोसा दिला रहे हैं। इस दौरान जब शाह से बंगाल चुनाव में कबीर और भाजपा के बीच डील के बारे में सवाल किया गया, तब उन्होंने कहा, आप ममता की क्षमताओं से अंजान हैं, ममता इसतरह में 2,000 वीडियो बना सकती हैं। उन्होंने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ किसी भी तरह से गठबंधन की संभावना को खारिज कर कहा, कबीर और बीजेपी साउथ पोल और नॉर्थ पोल हैं। हमारा कभी मेल नहीं हो सकता है। हम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने वाले के साथ गठबंधन करने के बजाय अगले 20 साल तक विपक्ष में बैठना पसंद कर सकते है। बता दें कि गुरुवार को बंगाल के मंत्री फिरहाद हकीम और अरूप बिस्वास ने प्रेसवार्ता में हुमायूं कबीर का एक कथित ऑडियो क्लिप जारी किया था। इसमें दावा किया कि कबीर और उनकी नई बनी आम आदमी उन्नयन पार्टी चुनावों में भाजपा को समर्थन देने का भरोसा दे रही थी। ऑडियो क्लिप में कबीर को कथित तौर पर किसी अज्ञात व्यक्ति को भरोसा दिलाते हुए सुना गया कि अगर भाजपा इस बार ज़्यादातर हिंदू वोट अपनी तरफ खींचने में कामयाब होती है, तब वह मुस्लिम वोटों को बांटने में अहम भूमिका निभाएंगे। वह ऐसा इसलिए करेगा, ताकि राज्य में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया जा सके। ऑडियो क्लिप में कबीर को दावा करते सुना गया कि वह बंगाल विधानसभा चुनाव में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ नियमित संपर्क में हैं और उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वह और उनकी पार्टी नए भाजपा मुख्यमंत्री को पूरा-पूरा समर्थन देगी। वहीं, एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़कर पश्चिम बंगाल में अपने दम पर चुनाव लड़ने का फैसला किया। आशीष दुबे / 10 अप्रैल 2026