नई दिल्ली,(ईएमएस)। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपने संसदीय प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों को सोशल मीडिया के माध्यम से जबाव दिया। उन्होंने कहा कि वे आलोचनाओं का जवाब शब्दों से नहीं, बल्कि अपने काम से देना पसंद करते हैं। वीडियो में उन्होंने कई अहम विषयों को प्रमुखता से उठाया है, जिसमें डेटा प्राइवेसी, पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने की मांग और बैंकों द्वारा न्यूनतम बैलेंस पर लगाने वाले जुर्माने को समाप्त करने जैसे जनहित के मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा खाद्य मिलावट, 28 दिन के मोबाइल रिचार्ज प्लान, एयरलाइंस के अतिरिक्त बैगेज शुल्क और पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। राघव चड्ढा ने वायु प्रदूषण, गिग वर्कर्स के शोषण, हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में देरी, टोल प्लाजा पर अधिक वसूली और महंगे एयरपोर्ट खाद्य पदार्थों जैसे मुद्दों को भी संसद में उठाया। उन्होंने लोगों को राहत देने के लिए मुफ्त वार्षिक हेल्थ चेकअप का अधिकार देने की वकालत की। साथ ही डिजिटल कॉपीराइट स्ट्राइक, बढ़ते कर्ज-से-जीडीपी अनुपात और भीड़भाड़ वाले एयरपोर्ट्स की समस्या पर भी चिंता जाहिर की है। वीडियो में सरकारी बैंकों की स्थिति, दिव्यांगों और सशस्त्र बलों पर टैक्स में राहत, वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को वैध बनाने और ‘राइट टू हायर, राइट टू फायर’ जैसे विषय भी शामिल रहे। उन्होंने महंगाई, पंजाब की ‘कैंसर ट्रेन’, जल संकट और भूजल की कमी जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इसके अतिरिक्त शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती खाई, वेतन इंडेक्सेशन, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), भ्रामक ब्रांडिंग और ग्रामीण बैंकिंग ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने भगत सिंह को भारत रत्न देने, ‘वन नेशन, वन मेडिकल ट्रीटमेंट’, मासिक धर्म स्वच्छता और श्री ननकाना साहिब कॉरिडोर जैसे विषयों को भी उठाया। कुल मिलाकर, यह वीडियो उनके संसदीय कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का एक प्रयास है, जिससे वे यह संदेश देना चाहते हैं कि उनका काम ही उनकी पहचान है। आशीष दुबे / 10 अप्रैल 2026