पिथौरागढ़,(ईएमएस)। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के सीमांत गांव गुंजी में अप्रैल महीने में भी कड़ाके की सर्दी और भारी बर्फबारी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जहां देश के मैदानी इलाकों जैसे दिल्ली और लखनऊ में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, वहीं गुंजी में तापमान माइनस 15 से माइनस 19 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। इस असामान्य मौसम ने स्थानीय निवासियों और सीमा पर तैनात जवानों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुंजी, जो कि धारचूला क्षेत्र में स्थित एक उच्च हिमालयी गांव है, वहां भारी बर्फबारी के कारण पानी के प्राकृतिक स्रोत पूरी तरह जम गए हैं। पेयजल पाइपलाइन में भी पानी जम चुका है, जिससे जल आपूर्ति ठप हो गई है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए बर्फ पिघलाकर पानी प्राप्त करना पड़ रहा है। यही नहीं, निर्माण कार्य जैसे सामान्य काम भी बर्फ पिघलाकर ही किए जा रहे हैं। सीमा की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान भी इन कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। अधिक ठंड और बर्फबारी के बावजूद जवान लगातार भारत-नेपाल सीमा पर गश्त कर रहे हैं। वे न केवल बर्फ पिघलाकर पानी पीने को मजबूर हैं, बल्कि जमा देने वाली ठंड में भी पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। एसएसबी की 11वीं वाहिनी के जवान अल्फा कंपनी के नेतृत्व में नियमित पेट्रोलिंग कर रहे हैं, जो उनके साहस और समर्पण को दर्शाता है। स्थानीय निवासी के अनुसार, क्षेत्र में चल रही विभिन्न पेयजल योजनाएं जैसे कालापानी से गुंजी तक की 10 किलोमीटर लंबी योजना और अन्य लिफ्ट योजनाएं बंद पड़ी हैं। ऐसे में लोगों को काली नदी से पानी लाना पड़ रहा है या फिर बर्फ पिघलाकर काम चलाना पड़ रहा है। लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण पूरे पिथौरागढ़ जिले में अप्रैल महीने में भी जनवरी जैसी ठंड महसूस की जा रही है। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों और आग का सहारा ले रहे हैं। यह स्थिति न केवल मौसम के असामान्य बदलाव को दर्शाती है, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और जवानों के संघर्ष को भी उजागर करती है। अप्रैल में जनवरी जैसी सर्दी का अहसास: पिथौरागढ़ में लगातार हो रही बारिश के कारण अप्रैल में भी जनवरी महीने की तरह शीतलहर चल रही है। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े और आग का सहारा ले रहे हैं। फिर ठंड आने से पूरे जिले में शीतलहर चल रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। पिथौरागढ़ जिले की समुद्र तल से ऊंचाई 5,338 फीट (1,645 मीटर) है। जिले में स्थित गुंजी की समुद्र तल से ऊंचाई पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से ठीक दोगुनी यानी 10,000 फीट (3,200 मीटर) है। आशीष दुबे / 10 अप्रैल 2026