नई दिल्ली (ईएमएस)। अमेरिका से पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता से पहले ईरान ने एक बार फिर अमेरिका को बड़ी चेतावनी दे दी है। ईरान के इस्लामी रिव्यालुशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि हम अमेरिका और दूसरे दुश्मनों के सामने ये साफ कर देना चाहते हैं कि हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर ही हैं। आईआरजीसी ने कहा कि इस्लामी क्रांति के नेता और सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ़ द्वारा जारी किए गए गहन, मनोबल बढ़ाने वाले और प्रेरणादायक संदेश के बाद, हम यह घोषणा करते हैं कि अमेरिकी और जियोनिस्ट दुश्मनों द्वारा समझौतों के बार-बार उल्लंघन को देखते हुए, इस्लामी गणतंत्र ईरान के सशस्त्र बल पूरी तरह से तैयार हैं। ठीक वैसे ही, जैसे थोपे गए युद्ध के दौरान और 43 दिनों की असमान लड़ाई के समय थीं। अमेरिका के अपराधी नेताओं, बच्चों की हत्या करने वाली ज़ायोनी सत्ता, और उनके पराजित कमांडरों व सैन्य कर्मियों को विजयी, शक्तिशाली और वीर ईरानी जनता को या फिर अजेय इस्लामी प्रतिरोध मोर्चे को धमकाने का कोई अधिकार नहीं है। आईआरजीसीने आगे कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू के लिए बेहतर यही होगा कि वे थोपे गए उस युद्ध के दौरान अपनी और अपनी सेनाओं की शर्मनाक हार को याद करें। जिसमें आत्म-बलिदानी लड़ाकों द्वारा किए गए शक्तिशाली हमलों तथा अप्रत्याशित ऑपरेशनों का सामना करना पड़ा था और ईरानी जनता या अडिग प्रतिरोध बलों को धमकाने की कोशिश न करें। अमेरिकी और अन्य दुश्मनों को वह सब याद रखना चाहिए जो उन्होंने युद्ध के मैदान में देखा था। जहां सशस्त्र सेनाओं ने, लोगों के समर्थन और नेतृत्व के मार्गदर्शन से, तथा देश में ही बने उन्नत हथियारों और तकनीकों का उपयोग करते हुए, दुनिया की सबसे शक्तिशाली कही जाने वाली सेनाओं को चुनौती दी और उन्हें हराया।हम यह घोषणा करते हैं कि हम हमलावरों को बिना दंडित किए नहीं छोड़ेंगे। हम होर्मुज़ के मैनेजमेंट में एक नए चरण में प्रवेश करेंगे, उस पर नियंत्रण रखने की पहल को बनाए रखेंगे, और किसी भी परिस्थिति में अपने वैध अधिकारों का त्याग नहीं करेंगे। सुबोध/१०-०४-२०२६