राष्ट्रीय
10-Apr-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की बटालियन नंबर‑1 के अंतिम कमांडर सोडी केशालू उर्फ सोडी केशा ने अपने 42 साथियों के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस हाई‑प्रोफाइल सरेंडर के दौरान माओवादियों ने न केवल भारी मात्रा में हथियार और गोला‑बारूद सौंपा, बल्कि 800 ग्राम सोना भी पुलिस के हवाले किया, जिसे संगठन का आपातकालीन और ऑपरेशनल फंड माना जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोडी केशालू तेलंगाना‑छत्तीसगढ़ सीमा पर सक्रिय माओवादी नेटवर्क का एक प्रमुख चेहरा था और उसके ऊपर करीब 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस आत्मसमर्पण को राज्य में माओवादी सैन्य ढांचे के लगभग अंत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की यह बटालियन संगठन की सबसे मजबूत और संगठित इकाई मानी जाती थी। सुबोध/१०-०४-२०२६