राज्य
10-Apr-2026
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पटना, (ईएमएस)। पटना हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि वेतन भुगतान को लेकर नियोक्ता के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला श्रम विवाद सुलझाने का “गैरकानूनी शॉर्टकट” है और यह आपराधिक कानून के प्रावधानों का दुरुपयोग माना जाएगा। यह फैसला न्यायमूर्ति श्री अंसुल की एकल पीठ ने 2 अप्रैल को सुनाया। दरअसल वैशाली जिले के वाहन शोरूम मालिक दिनेश कुमार राय द्वारा दायर आपराधिक याचिका को स्वीकार करते हुए अदालत ने यह निर्णय दिया। फैसले की प्रति अब हाईकोर्ट की वेबसाइट पर सार्वजनिक हुई। मामले के अनुसार, वर्ष 2015 में शोरूम के एक कर्मचारी रवि शंकर कुमार ने अपने नियोक्ता पर वेतन और ओवरटाइम भुगतान नहीं करने का आरोप लगाते हुए आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी। कर्मचारी का दावा था कि उसे 8.95 लाख रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया गया। हालांकि, इसी वेतन विवाद को लेकर मामला पहले से ही राज्य के श्रम प्रवर्तन प्राधिकरण के समक्ष लंबित था, जिस पर कार्रवाई नहीं हुई थी। इसके बावजूद 20 फरवरी 2017 को हाजीपुर स्थित वैशाली की एक ट्रायल कोर्ट ने आपराधिक विश्वासघात के आरोप में दिनेश कुमार राय के खिलाफ समन जारी कर दिया था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के इस आदेश को रद्द करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार के मामलों में मूल रूप से श्रम या सिविल विवाद होता है, जिसे जबरन आपराधिक रंग देने की कोशिश की जाती है। अदालत ने कहा कि ऐसे प्रयासों को कानूनी रूप से स्वीकार नहीं किया जा सकता। बहरहाल इस फैसले को श्रम विवादों और आपराधिक मामलों के बीच स्पष्ट अंतर तय करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। संतोष झा-१० अप्रैल/२०२६/ईएमएस