गुना। जिले के वन परिक्षेत्र बमोरी में वन भूमि पर अतिक्रमण, अवैध कटाई और पत्थरों के अवैध उत्खनन के मामले में वन मण्डल पदाधिकारी (DFO) अक्षय राठौर ने सख्त रुख अपनाया है। कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप में विशनवाड़ा के परिक्षेत्र सहायक (कार्यवाहक वनपाल) सहित दो बीटगार्डों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। - निरीक्षण में खुली पोल, मौके से नदारद मिला स्टाफ पूरा मामला तब उजागर हुआ जब 2 अप्रैल 2026 को वन संरक्षक शिवपुरी वृत्त और डीएफओ गुना द्वारा बमोरी परिक्षेत्र का प्रवास किया गया। इस दौरान विशनवाड़ा ब और परांठ बीट के विभिन्न कक्षों में सड़क किनारे बड़े पैमाने पर वनक्षेत्र में अतिक्रमण, नवीन पत्थर की दीवार का निर्माण और अवैध कटाई पाई गई। इसके बाद 7 अप्रैल को जारी आदेश के तारतम्य में जब डीएफओ ने हमराह स्टाफ के साथ पुनः निरीक्षण किया, तो मौके पर न केवल अतिक्रमण और अवैध दीवारें मिलीं, बल्कि संबंधित बीटों के जिम्मेदार कर्मचारी भी ड्यूटी से नदारद पाए गए। - इन पर गिरी निलंबन की गाज डीएफओ अक्षय राठौर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, परिक्षेत्र सहायक विशनवाड़ा प्रभात कुमार वाजपेयी (कार्यवाहक वनपाल), विशनवाड़ा ब के बीटगार्ड शैलेन्द्र रघुवंशी (वनरक्षक) और परांठ बीट के बीटगार्ड दिलीप कुमार मीना (वनरक्षक) को निलंबित किया गया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि इन कर्मचारियों को अपने क्षेत्र में हो रहे अवैध कार्यों की जानकारी थी, फिर भी इन्होंने न तो कोई कार्रवाई की और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। - मुख्यालय परिवर्तन और भत्ते का प्रावधान निलंबन अवधि के दौरान प्रभात वाजपेयी का मुख्यालय वन परिक्षेत्र बीनागंज, शैलेन्द्र रघुवंशी का मुख्यालय म्याना (मकसूनगढ़) और दिलीप कुमार मीना का मुख्यालय भी निर्धारित क्षेत्रों में रखा गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार इन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। वन विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से जिले के वन स्टाफ में हड़कंप मच गया है। डीएफओ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वन संपदा के संरक्षण में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - सीताराम नाटानी