राज्य
11-Apr-2026


पटना, (ईएमएस)। जद (यू0) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में लगभग दो दशकों का कार्यकाल राज्य के इतिहास में एक परिवर्तनकारी युग के रूप में याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व में बिहार ने विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है, जिसने लंबे समय तक पिछड़ेपन और चुनौतियों से जूझते राज्य को एक नई दिशा प्रदान की। सीमित संसाधनों, क्षेत्रीय असमानताओं और आधारभूत संरचना की कमी जैसी गंभीर चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने सुशासन का एक प्रभावी माॅडल स्थापित किया। उनके कार्यकाल में कानून-व्यवस्था में सुधार, सड़कों एवं पुलों का व्यापक निर्माण, शिक्षा का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण प्राथमिकता के साथ किया गया। प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को संस्थागत रूप देकर उन्होंने शासन के प्रति आम जनता के विश्वास को मजबूत किया। सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके प्रयास विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पंचायतों एवं नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण, साइकिल एवं पोशाक योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा, तथा स्वयं सहायता समूहों के विस्तार ने व्यापक सामाजिक परिवर्तन को गति दी। अत्यंत पिछड़ा वर्ग और महादलित समुदायों के लिए लक्षित योजनाओं के माध्यम से उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए गए। साथ ही, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कल्याण और अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भी कई प्रभावी पहलें की गईं, जिससे समावेशी विकास को मजबूती मिली। युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों, रोजगार उन्मुख योजनाओं और शिक्षा के अवसरों के विस्तार पर विशेष बल दिया गया। किसानों के हित में कृषि रोडमैप, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और उत्पादन वृद्धि के लिए ठोस कदम उठाए गए। वहीं, गरीब और वंचित वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार लाने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विशेषता केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी समान रूप से ध्यान दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप आम जनता के जीवन में वास्तविक परिवर्तन देखने को मिला। राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने, प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उनके प्रयासों को व्यापक सराहना प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनका दीर्घ अनुभव और प्रशासनिक दक्षता राष्ट्रीय स्तर पर भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है। एक राज्यसभा के सदस्य के रूप में वे अपने प्रशासनिक एवं राजनीतिक अनुभव के आधार पर देश के समग्र और संतुलित विकास से संबंधित नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। संतोष झा-११ अप्रैल/२०२६/ईएमएस