राज्य
11-Apr-2026
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पटना, (ईएमएस)। बिहार के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे (एनई-9) परियोजना को वित्तीय स्तर पर बड़ी मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की लोक-निजी भागीदारी (PPP) अनुशंसा समिति ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है। अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजा गया है। यह एक्सप्रेस-वे राज्य का पहला पूर्ण आंतरिक एक्सप्रेस-वे होगा, जो पूरी तरह बिहार की सीमाओं के भीतर विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण से राजधानी पटना से सीमांचल के प्रमुख शहर पूर्णिया तक की यात्रा तेज, सुरक्षित और सुगम हो जाएगी। वर्तमान में पटना से पूर्णिया तक पहुंचने में काफी समय लगता है और यात्रा थकाऊ रहती है। लेकिन एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद यह दूरी लगभग 3 घंटे में पूरी की जा सकेगी। सड़क की डिजाइन स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी। यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे बिहार के आर्थिक और सामाजिक विकास का अहम जरिया माना जा रहा है। खासकर सीमांचल क्षेत्र, जो लंबे समय से विकास की कमी से जूझ रहा है, उसे इस एक्सप्रेस-वे से नई गति मिलने की उम्मीद है। फिलहाल यह एक्सप्रेस-वे 4-लेन का होगा, लेकिन जमीन अधिग्रहण 6-लेन के अनुसार किया जा रहा है। इससे भविष्य में यातायात बढ़ने पर इसे आसानी से चौड़ा किया जा सकेगा। परियोजना के पैकेज-2 के तहत कुशेश्वरस्थान और सिमरी बख्तियारपुर के बीच कोसी नदी पर करीब 7.02 किलोमीटर लंबा 6-लेन पुल बनाया जाएगा। यह पुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन को सुचारू बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। यह एक्सप्रेस-वे वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया जैसे प्रमुख जिलों को सीधे जोड़ेगा। इसके अलावा यह मार्ग असम और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाले यात्रियों और व्यापारियों के लिए भी महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी कॉरिडोर साबित होगा। बहरहाल पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे परियोजना बिहार के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ रोजगार, व्यापार और क्षेत्रीय संतुलित विकास को भी बढ़ावा देगी। संतोष झा-११ अप्रैल/२०२६/ईएमएस