डायरेक्ट फ्लाइट बंद, शाही रुबात के इंतजाम पर भी सस्पेंस भोपाल (ईएमएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से इस साल हज पर जाने वाले लोगों को निराश करने वाली खबर सामने आई है। करीब 15 साल बाद पहली बार भोपाल से हज उड़ान टेक ऑफ नहीं करेगी। साथ ही इस बार भी हाजियों के मक्का और मदीना में ठहरने का इंतजाम नहीं हो पाया है। लगातार कई सालों से मक्का और मदीना में रुबात नहीं मिलने से नाराज लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। हज यात्रा-2026 की शुरुआत होने में अब एक महीने से भी कम का समय रह गया है, लेकिन राजधानी भोपाल सहित आसपास के जिलों से हज यात्रा पर जाने वालों की मुश्किले बढ़ गई हैं। भोपाल से सीधी फ्लाइट बंद होने के चलते हजारों हाजियों को दूसरे शहर से फ्लाइट लेने पड़ेगी, जिससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा पूर्व भोपाल रियासत के हज यात्रियों को लगातार छठवीं बार शाही रुबात में ठहरने को नहीं मिल पाएगा। भोपाल नबाव द्वारा बनवाया गया था रुबात रुबात का मामला बीते 6 सालों से कानूनी उलझनों में फंसा हुआ है, जिसके चलते भोपाल नवाब की ओर से बनवाई गई रुबात (धर्मशालाओं) में यात्रियों को ठहरने का मौका नहीं मिल पाएगा। शाही रुबात में ठहरने का मौका पूर्व रियासत भोपाल से जुड़े सीहोर और रायसेन को भी नहीं मिलेगा। भोपाल एम्बार्केशन पॉइंट से उड़ान बंद इस साल भोपाल एम्बार्केशन पॉइंट से हाजियों के लिए सीधी उड़ान नहीं होगी। ऐसे में प्रदेश के हाजियों को इंदौर सहित अन्य शहरों से सफर करना पड़ेगा। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने साल 2010 में भोपाल से सीधी उड़ान शुरू की थी, जो बीच में कई बार बंद हुई। लेकिन करीब 15 साल बाद यह पूरी तरह बंद हो गई है। ज्यादा खर्च के कारण उड़ान बंद जानकारी के अनुसार, भोपाल से उड़ान भरने पर करीब 63 हजार रु का अतिरिक्त खर्च आ रहा था। इसलिए भोपाल के हाजियों ने यहां से उड़ान के लिए खास रुचि नहीं दिखाई, जिसके चलते यह एम्बार्केशन विकल्प दिया गया। वहीं अन्य शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद सहित अन्य बड़े शहरों में हज खर्च 3.40 लाख से 3.50 लाख के बीच है। जमा नहीं हुई चयनित हाजियों की सूची पिछले लगभग 50 वर्षों में यह पहला मौका होगा, जब मक्का में रुबात में हाजी नहीं ठहर पाएंगे। इसपर हज कमेटी ऑफ इंडिया का कहना है कि अभी तक कुर्रा (लॉटरी) के जरिए चयनित हाजियों की सूची नहीं मिली है, जिसके चलते इस वर्ष मक्का में रुबात में ठहरने की व्यवस्था होना मुश्किल नजर आ रही है। औकाफ-ए-शाही के प्रशासनिक अधिकारी फारुख किवरिया ने कहा कि प्रयास लगातार जारी है सेन्ट्रल हज कमेटी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को समस्या से अवगत करा दिया गया है। जल्द ही इसपर फैसला हो जाएगा। मध्य प्रदेश हज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रफत वारसी ने कहा कि हज कमेटी का रुबात से कोई सीधा संबंध नहीं है। रुबात शाही औकाफ का मामला है और वही मैनेज करता है। इसके साथ ही भोपाल से उड़ान भरने का फैसला भी हज कमेटी ऑफ इंडिया करती है। हाजियों की रुचि नहीं दिखाने की वजह से यहां से उड़ान बंद की होगी। गौरतलब है कि हजयात्रा की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं, हज के लिए पहली उड़ान 18 अप्रैल को मुंबई से होगी, हालात को देखते हुए भोपाल और आसपास से जाने वाले लोगों ने उड़ान के लिए इंदौर और मुंबई का विकल्प चुना है। विनोद/ 11 अप्रैल /2026