राष्ट्रीय
11-Apr-2026
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मथुरा,(ईएमएस)। धर्मनगरी वृंदावन के केसी घाट पर शुक्रवार को हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। शनिवार को दूसरे दिन भी लापता 5 लोगों की तलाश में बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।तलाश अभियान को तेज करने के लिए सेना (आर्मी) समेत विभिन्न राहत दलों के करीब 250 जवान तैनात किए गए हैं। रेस्क्यू टीमें घटनास्थल से लेकर 14 किलोमीटर के दायरे में जाल बिछाकर लापता लोगों को ढूंढ रही हैं। इस तलाशी अभियान में नाव जंगलों में फंसी मिल गई है लेकिन 5 लोग अभी भी लापता हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यमुना का बहाव तेज होने के कारण लापता लोगों के दूर बह जाने की आशंका है। साथ ही, नदी के तल में भारी गाद और कीचड़ होने की वजह से शवों के रेत में दबे होने की संभावना भी जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि हादसे के 24 घंटे बीतने के बाद शव फूलकर पानी की सतह पर आ सकते हैं। यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे हुआ, जब 37 श्रद्धालुओं से भरी एक नाव यमुना के बीचों-बीच पलट गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नाव की क्षमता 40 लोगों की थी, लेकिन सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए किसी भी श्रद्धालु को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। मृतकों में एक ही परिवार के 7 लोग शामिल हैं, जिनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा जैसे करीबी रिश्तेदार थे। जिस जगह नाव डूबी, वहां पानी की गहराई करीब 25 फीट बताई जा रही है। हादसे में जीवित बचे एक युवक ने बताया कि नाव तट से करीब 50 फीट दूर थी, तभी 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने लगीं। नाव डगमगाने लगी और नाविक ने नियंत्रण खो दिया। श्रद्धालुओं ने नाविक से नाव रोकने की गुहार लगाई, लेकिन उसने अनसुना कर दिया। नाव दो बार पीपा पुल से टकराते-टकराते बची, लेकिन तीसरी बार जोरदार टक्कर हुई और नाव देखते ही देखते पानी में समा गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी नाविक पप्पू निषाद को हादसे के 6 घंटे बाद शनिवार रात हिरासत में ले लिया है। वह हादसे के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया था। प्रशासन अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/11अप्रैल2026 ---------------------------------