- लंबित मांगों को लेकर उठाई आवाज जबलपुर, (ईएमएस)। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के आव्हान पर कामगार यूनियन, आयुध निर्माणी खमरिया द्वारा 06 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026 तक विरोध सप्ताह का आयोजन किया गया। सप्ताहभर चले इस कार्यक्रम में कामगारों ने अपनी लंबित एवं जायज मांगों के समर्थन में एकजुटता का प्रदर्शन किया। विरोध सप्ताह की शुरुआत 06 अप्रैल को जन जागरण अभियान से हुई, जिसमें कर्मचारियों को उनकी समस्याओं और अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इसके बाद 07 अप्रैल से 10 अप्रैल तक विभिन्न समूहों द्वारा निर्धारित समय पर नारेबाजी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लेकर संगठन के प्रति एकजुटता दिखाई। विरोध सप्ताह के समापन पर 11 अप्रैल 2026 को यूनियन के प्रतिनिधि मंडल ने रक्षा मंत्री, भारत सरकार के नाम मुख्य महाप्रबंधक, आयुध निर्माणी खमरिया के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रक्षा असैनिक कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को विस्तारपूर्वक रखा गया। इस अवसर पर संगठन के रूपेश पाठक, राजेंद्र चराडिया, प्रेम लाल, दीपक सैनी, अमित चौबे, संजय प्रधान, सतिन शर्मा, राम सिंह धाकड़ और रमेश यादव सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ज्ञापन में सभी विभागों में रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति, अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया में एकरूपता और तेजी, सभी पात्र कर्मचारियों को बिना सीमा के नाइट ड्यूटी भत्ता, पीएलबी और एड-हॉक बोनस की न्यूनतम सीमा का निर्धारण, समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित करना और स्वीकृत पदों में कटौती पर रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही सभी कर्मचारियों को पूर्ण ट्रेड यूनियन अधिकार प्रदान करने, एनपीएस और यूपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, जेसीएम-द्वितीय परिषद का गठन एवं नियमित बैठकें आयोजित करने तथा सभी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। यूनियन ने आयुध निर्माणियों के निगमीकरण को वापस लेने, चार्जमैन और केमिकल चार्जमैन के रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति एवं पदों में वृद्धि तथा ओटी एरियर का भुगतान करने की भी मांग की है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया गया। उनका कहना है कि ये मांगें कर्मचारियों के हित, मनोबल और उत्पादन क्षमता से सीधे जुड़ी हुई हैं। संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार और संबंधित प्राधिकरण इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेंगे, अन्यथा भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। सुनील साहू / शहबाज / 11 अप्रैल 2026/ 06.14