क्षेत्रीय
11-Apr-2026
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- संचालक पर नहीं हो रही एफआईआर -भटक रहा पीड़ित -दस्तावेजों में कूटरचना कर अमानत में खयानत का गंभीर आरोप - पुलिस एक महीने से जांच में उलझी - पीड़ित ने त्वरित विधिसंगत कार्यवाही की करी मांग कोरबा (ईएमएस) जानकारी के अनुसार निजी स्वामित्व के टैक्टर को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर किसी अन्य को नये वाहन के रूप में बिक्री करने और अमानत में खयानत करने की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है। पीड़ित को इस मामले में त्वरित एफआईआर की कानूनी राहत नहीं मिल पाने से उसे सांठ-गांठ का पूर्ण अंदेशा है। इस मामले के पीड़ित निवासी कोरबा ने कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत में बताया कि मेरे द्वारा पूर्व में 18 मार्च को चौकी-सीएसईबी, कोरबा को शिकायत की गई थी। जिस पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई हैं। मैं टैक्टर के माध्यम से बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का काम करता हूं। वर्ष 2022 मेंएक ट्रैक्टर सक्ती की उपशाखा जो की कोरबा ट्रांसपोर्ट नगर में स्थित है। जिसके प्रोपराईटर से एक टैक्टर जॉन डियर कंपनी का जिसका इंजन नंबर- PY3029D660561 एवं चेचिस न.-1VY5105DJMA033369 है, को एल.एन.टी. कंपनी से फायनेंस कराकर क्रय किया। वाहन की किश्तें नियमित रूप से कंपनी को अदायगी कर रहा था। परंतु संचालक जिससे में पूर्व में भी अनेकों टैक्टर क्रय करने के कारण पूर्व से परिचित था, से मांगे जाने पर भी उसके द्वारा टैक्टर वाहन पंजीयन पुस्तिका एवं बीमा के दस्तावेज नहीं दिये गये। परंतु एलएनटी फायनेंस कंपनी के फायनेंस के दस्तावेज में इंजन और चेचिस नंबर के जिक्र के साथ फायनेंस राशि का जिक्र है। 02 वर्ष तक मेरे द्वारा उक्त ट्रेक्टर जिसका इंजन नंबर- PY3029D660561 एवं चेचिस न.-1VY5105DJMA033369 का चालन किया गया। तकनीकी खराबी आने के कारण सुधार हेतु संचालक के यहां ट्रांसपोर्ट नगर में छोड़कर आया था। जहां कुछ दिन बाद जाने पर मुझे जानकारी दी गयी की उक्त टैक्टर को सक्ती स्थित वर्कशॉप में बनाने हेतु भेजा गया है, उसके बाद संचालक के द्वारा 6 माह तक घुमाया जाता रहा। 14 फरवरी को सक्ती जाकर संचालक द्वारा वाहन की मांग की गयी तो मुझसे कहा गया कि, मैने तुम्हारा टैक्टर बेच दिया, जिससे मैं हतप्रभ हो गया। मैं चुपचाप कोरबा आ गया और मैंने आर.टी.ओ. कार्यालय जांजगीर से जानकारी ली तो पता चला कि, उक्त इंजन नंबर- PY3029D660561 एवं चेचिस न.-1VY5105DJMA033369 में जॉन डियर कंपनी का ट्रेक्टर जिला परिवहन कार्यालय जांजगीर चांपा में 18.11.2025 को मोरतध्वज पटेल पिता उद्धव प्रसाद पटेल के नाम पर वाहन क्र.- CG-11-BT-7951 पर नये वाहन के रूप में पंजीकृत की गई है। इस तरह 2 वर्ष तक मेरे द्वारा उपभोग किये गये वाहन को दस्तावेजों के कूटरचना कर नये वाहन के रूप में उसके द्वारा अन्य सहयोगियों के साथ सांठ-गांठ कर अन्य को बेच दिया है। इस प्रकार मेरा टैक्टर वाहन जिसे सुधार कार्य हेतु दिया था, जो कि उसके पास मेरी अमानत के रूप में नयस्त था जिसे उसके द्वारा मुझसे छल करते हुये अमानत में खयानत की गई है और उक्त कार्य के लिए शासकीय दस्तावेजों में कूटरचना की है। पीड़ित ने बताया कि उक्त वाहन का ई.एम.आई. 3,60,000/- (तीन लाख साठ हजार रूपये) देना शेष है। उक्त टैक्टर वाहन से बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का कार्य कर आय अर्जित कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था, को सुमित अग्रवाल के द्वारा अन्य व्यक्ति को नये वाहन के रूप में बेच दिये जाने से मुझे आर्थिक एवं मानसिक परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है। 11 अप्रैल / मित्तल