राज्य
12-Apr-2026
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:: आचार्य शंकर प्रकटोत्सव : 17 से 21 अप्रैल तक मांधाता पर्वत पर जुटेंगे देश के शीर्ष संत; एआई और अद्वैत जैसे विषयों पर होगा विमर्श :: इंदौर/ओंकारेश्वर (ईएमएस)। नर्मदा तट स्थित एकात्म धाम (ओंकारेश्वर) आगामी 17 से 21 अप्रैल तक भारतीय संन्यास परंपरा और अद्वैत दर्शन के वैश्विक केंद्र के रूप में दमकने वाला है। आदि गुरु शंकराचार्य के प्रकटोत्सव वैशाख शुक्ल पंचमी के उपलक्ष्य में संस्कृति विभाग और आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास द्वारा एकात्म पर्व का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस पांच दिवसीय अनुष्ठान में देशभर के प्रखर चिंतक, शीर्ष संत और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सम्मिलित होंगे। इस वर्ष के आयोजन की विशेषता अद्वैत दर्शन को नई पीढ़ी और आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। उत्सव के दौरान अद्वैत एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे समसामयिक विषयों पर IIT दिल्ली के विशेषज्ञों और संतों के बीच संवाद होगा। साथ ही अद्वैत एवं Gen-Z सत्र में युवा नजरिए से वेदांत की व्याख्या की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक शांति जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी अद्वैत दृष्टि से मंथन किया जाएगा। :: 700 युवा बनेंगे शंकरदूत :: महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण क्षण 21 अप्रैल को नर्मदा तट पर आयोजित दीक्षा समारोह होगा। जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के सान्निध्य में देश-विदेश के 700 से अधिक युवा शंकरदूत के रूप में दीक्षा लेकर अद्वैत के संदेश को विश्वभर में ले जाने का संकल्प लेंगे। इसी दिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा स्वामी तेजोमयानंद सरस्वती और गौतम भाई पटेल को अद्वैत वेदांत के प्रसार हेतु सम्मानित किया जाएगा। :: सुरों और नृत्य से सजेगी मां नर्मदा की गोद :: प्रतिदिन शाम को देश के ख्यातिलब्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे: 17 अप्रैल : जयतीर्थ मेवुंडी (गायन) एवं शुभदा वराडकर (ओड़िसी)। 18 अप्रैल : सुश्री जसलीन कौर (गुरु वाणी) एवं डॉ. पद्मजा सुरेश (भरतनाट्यम)। 19 अप्रैल : पार्वती बाउल (बाउल संगीत) एवं रमा वैद्यनाथन (भरतनाट्यम)। 20 अप्रैल : लता सिंह मुंशी (नृत्य) एवं ऐश्वर्या-सौंदर्या (कर्नाटक संगीत)। 21 अप्रैल : पद्मश्री हेमंत चौहान की निर्गुण वाणी और मणिपुरी नृत्य। प्रकाश/12 अप्रैल 2026