इस्लामाबाद,(ईएमएस)। पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही उच्च स्तरीय शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई है। दोनों देशों के बीच करीब 47 वर्षों में हुई इस सबसे बड़ी कूटनीतिक कोशिश के विफल होने के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। वार्ता के विफल होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी करने के आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। पाकिस्तान की राजधानी में आयोजित इस बैठक में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने किया, जबकि अमेरिकी पक्ष की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने की। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच करीब ढाई घंटे तक सीधी बातचीत हुई और फिर तकनीकी पहलुओं पर विशेषज्ञों ने घंटों मंथन किया। कुल 21 घंटे से अधिक समय तक चली इस कवायद के बावजूद दोनों पक्ष अपने मतभेदों को पाटने में नाकाम रहे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि ईरान ने युद्ध को समाप्त करने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास किए और दोनों देश इस्लामाबाद समझौते के बिल्कुल करीब पहुंच चुके थे। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि अंतिम क्षणों में अमेरिका ने अपनी शर्तें बदल दीं और ऐसी मांगें रखीं जिन्हें स्वीकार करना संभव नहीं था। उन्होंने सोशल मीडिया पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अच्छाई के बदले अच्छाई मिलती है और दुश्मनी के बदले दुश्मनी। दूसरी ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्वीकार किया कि कई सार्थक चर्चाओं के बावजूद कोई परिणाम नहीं निकल सका। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने अमेरिकी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस विफलता पर कहा कि अधिकतर बिंदुओं पर सहमति बन गई थी, लेकिन परमाणु हथियारों का मुद्दा, जो सबसे अहम था, उसी पर पेंच फंस गया। वार्ता विफल होने के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन सभी जहाजों की पहचान करेगी और उन्हें रोकेगी जिन्होंने ईरान को टोल का भुगतान किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य की इस नाकेबंदी से व्यापारिक जहाजों का प्रवेश और निकास बाधित होने की संभावना है। इस बीच, पाकिस्तान ने उम्मीद जताई है कि वह भविष्य में भी दोनों देशों के बीच संवाद का रास्ता खुला रखने की कोशिश जारी रखेगा। वीरेंद्र/ईएमएस/13अप्रैल2026