तेहरान,(ईएमएस)। होर्मुज मार्ग को लेकर चल रहे तनाव का कोई समाधान निकलता इससे पहले एक और समुद्री संकट खड़ा हो गया। एक तरफ जहाँ सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में पूर्ण नाकेबंदी की आहट है, वहीं दूसरी ओर लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर सशस्त्र हमलों ने वैश्विक व्यापारिक बिरादरी की चिंताएँ बढ़ा दी हैं। ताजा घटनाक्रम में, यमन के अल हुदैदा तट से करीब 54 नॉटिकल मील दूर समुद्र में एक जहाज को हथियारों से लैस हमलावरों के समूह ने घेर लिया, जिससे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को करीब 10 से 12 लोगों के एक समूह ने, जिनमें से 4-5 लोग स्वचालित हथियारों से लैस थे, एक जहाज को रोकने की कोशिश की। हमलावरों ने जहाज पर चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन कप्तान की सूझबूझ और बहादुरी से एक बड़ा हादसा टल गया। जहाज से सुरक्षा के तौर पर फ्लेयर दागे गए, जिसके बाद हमलावर पीछे हटने पर मजबूर हो गए और दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर भाग निकले। हालाँकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन इसने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हमले का संदेह यमन के हूती विद्रोहियों पर जताया जा रहा है, जो अक्टूबर 2023 से ही इस क्षेत्र में जहाजों को निशाना बना रहे हैं। यह पूरा तनाव उस समय चरम पर पहुँचा है, जब अमेरिका और ईरान के बीच हालिया शांति वार्ता पूरी तरह विफल हो चुकी है। अमेरिका ने घोषणा की है कि वह सोमवार से होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी की प्रक्रिया शुरू कर देगा। दूसरी ओर, अमेरिका के इस कदम और हूतियों के संभावित हमलों के डर से वैश्विक शिपिंग कंपनियों ने अपने मार्ग बदल दिए हैं, जिससे माल ढुलाई की लागत और समय दोनों में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। समुद्र में बढ़ती यह सैन्य हलचल किसी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की ओर इशारा कर रही है, जो विश्व अर्थव्यवस्था के लिए घातक साबित हो सकती है। जबरियां जहाज घुसेगा तो उड़ाने में देर नहीं करेंगे:ईरान इधर, होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति और भी अधिक विस्फोटक बनी हुई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस मार्ग पर दुश्मन की कोई भी गलत हरकत आत्मघाती साबित होगी। ईरान का दावा है कि होर्मुज पर उसका पूर्ण नियंत्रण है और वह हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सैन्य जहाज इस क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उसे संघर्ष विराम का उल्लंघन मानकर कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी। वीरेंद्र/ईएमएस/13अप्रैल2026