अंतर्राष्ट्रीय
13-Apr-2026
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तेल अवीव,(ईएमएस)। मिडिल ईस्ट इस समय बारूद के ढेर पर है और इजरायल एक साथ कई मोर्चों पर युद्ध लड़ रहा है। लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी और गाजा में जारी संघर्ष के बीच इजरायल ने अपनी सबसे शक्तिशाली और रहस्यमयी खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए नए प्रमुख की नियुक्ति कर दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मेजर जनरल रोमन गोफमैन को मोसाद का नया चीफ नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और इजरायल को बहु-स्तरीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रोमन गोफमैन की नियुक्ति कई मायनों में ऐतिहासिक और चौंकाने वाली है। 1976 में बेलारूस में जन्मे गोफमैन 14 साल की उम्र में इजरायल आए थे और 1995 में सेना में शामिल हुए। उनका पूरा करियर सैन्य अभियानों और आर्मर्ड कॉर्प्स में बीता है। आमतौर पर मोसाद के प्रमुख का पद किसी ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है जिसके पास व्यापक खुफिया अनुभव हो, लेकिन गोफमैन के मामले में ऐसा नहीं है। फिर भी नेतन्याहू ने उन्हें साहसी और रचनात्मक बताते हुए उन पर भरोसा जताया है। यह नियुक्ति संकेत देती है कि इजरायल अब खुफिया अभियानों में अधिक आक्रामक और आउट ऑफ द बॉक्स सैन्य दृष्टिकोण अपनाना चाहता है। गोफमैन की पहचान एक ऐसे जांबाज अधिकारी की है जिसने मौत को करीब से देखा है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के दौरान, गोफमैन ने स्डेरोट में आतंकियों से सीधा मुकाबला किया था और इस दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। युद्ध के मैदान में दिखाए गए इसी साहस और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें इस शीर्ष पद तक पहुँचाया है। वे 2 जुलाई 2026 को आधिकारिक तौर पर अपना पद संभालेंगे, जब मौजूदा चीफ डेविड बार्निया का कार्यकाल समाप्त होगा। उनकी यह नियुक्ति पाँच साल के लिए की गई है। मोसाद को दुनिया की सबसे घातक खुफिया एजेंसी माना जाता है, जो गुप्त मिशन और हाई-प्रोफाइल टारगेटेड ऑपरेशंस के लिए विख्यात है। हमास के हमले के बाद जहाँ इजरायल की अन्य आंतरिक एजेंसियों को विफलता के कारण आलोचना झेलनी पड़ी, वहीं मोसाद ने अपनी साख बचाए रखी। अब गोफमैन के कंधों पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने, हिजबुल्लाह के नेटवर्क को ध्वस्त करने और इजरायल के खिलाफ बन रहे क्षेत्रीय समीकरणों को काटने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि एक सैन्य बैकग्राउंड वाला योद्धा दुनिया की सबसे पेचीदा खुफिया एजेंसी को किस दिशा में ले जाता है। वीरेंद्र/ईएमएस/13अप्रैल2026