- ई-जीरो एफआईआर,फर्जी कॉल सेंटर,म्यूल अकाउंट और ऑनलाइन ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश भोपाल(ईएमएस)। मध्यप्रदेश पलिस की आधुनिक तकनीक से अंतर्राज्यीय सायबर अपराध पर लगातार प्रभावी कार्यवाही करते हुए लगातार सायबर अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। इस कड़ी में ई-जीरो एफआईआर,फर्जी कॉल सेंटर,म्यूल अकाउंट व ऑनलाइन ठगी के कई मामलो से जुड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने देवास ओर विदिशा में सायबर अपराधों के खिलाफ अलग-अलग मामलो में प्रभावी कार्यवाही करते हुए सायबर ठगी में शामिल आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की है। - देवास में “ई-जीरो एफआईआर के तहत अंतर्राज्यीय सायबर ठग गिरोह का पर्दाफाश देवास जिले में 2 जनवरी को दर्ज एक शिकायत में फरियादी के मोबाइल पर “आरटीओ चालान.एपीके” नामक संदिग्ध लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर 7 लाख 98 हजार रुपए की ठगी की गई थी। थाना नाहर दरवाजा में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी सुरागो के आधार पर 1600 किलोमीटर दूर हावड़ा (पश्चिम बंगाल) और 800 किलोमीटर दूर दिल्ली से जुड़े संगठित गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 4 लाख 96 हजार 500 की नगदी सहित 2 मोबाइल फोन जप्त किए गए हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में लागू “ई-जीरो एफआईआर” प्रणाली के अंतर्गत 1 लाख रुपये से अधिक की सायबर ठगी की शिकायत 1930 हेल्पलाइन अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज होते ही स्वतः सायबर मुख्यालय भोपाल में दर्ज की जाती है। जिसे संबंधित जिले में जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज कर फौरन ही जॉच प्रारंभ की जाती है। इस प्रोसेस के माध्यम से “गोल्डन ऑवर” में बैंक खातों को फ्रीज कर डिजिटल साक्ष्य जुटाये जाते हैं,जिससे ठगी गई रकम की रिकवरी की संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। - विदिशा में फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले बंटी-बबली गिरफ्तार पॉच सालो से विदेशी कंपनी में ऑनलाइन जॉब के नाम पर करते थे ठगी राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर विदिशा जिले के गंजबासोदा में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश देकर आरोपी एवं उसकी महिला सहकर्मी को गिरफ्तार किया। जॉच में पता चला की आरोपी बीते 4-5 सालो से “क्विकर जॉब” के नाम पर फर्जी कॉल कर उम्मीदवारो से रजिस्ट्रेशन,इंटरव्यू और ज्वाइनिंग किट के नाम पर रकम ऐंठकर अलग-अलग खातों में जमा कराकर ठगी कर रहे थे। दबिश के दौरान फर्जी कॉल सेंटर से 20 मोबाइ,1 लैपटॉप,12 सिम कार्ड,11 एटीएम कार्ड,3 पासबुक,2 चेकबुक,1 पेन ड्राइव, डाटा रजिस्टर सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। मास्टरमांइड 45 वर्षीय योगेंद्र सिंह मूलरूप से नोएडा यूपी का रहने वाला है। वह बीते पांच साल से गंजबासौदा में रहकर फर्जी कॉल सेंटर का संचालन कर रहा था। - रतलाम में मल्टी-स्टेट फ्रॉड में इस्तेमाल म्यूल अकाउंट का खुलासा रतलाम पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए एक मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े म्यूल अकाउंट का खुलासा किया है। साइबर सेल टीम द्वारा “ऑपरेशन मैट्रिक्स” के तहत कार्रवाई करते हुए,एनसीआपी एवं जेसीसीटी पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर फेडरल बैंक के एक संदिग्ध खाते की जांच की गई। जांच में यह खाता प्रथम मित्तल (23 वर्ष, निवासी माणकचौक,रतलाम के नाम पर संचालित पाया गया। जिसमें 47 लाख 75 हजार 301 रूपए की संदिग्ध रकम जमा हुई थी। जांच में सामने आया की स्पष्ट यह खाता म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग किया जा रहा था,जिसका उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा ऑनलाइन ठगी एवं आर्थिक अपराधो से ठगी गई रकम को पुलिस की नजरो से बचाने के लिये पैसो को ट्रांसफर कराते हुए उसकी चैन बनाने के लिये किया जाता है। जांच में यह भी सामने आया कि यह खाता तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी केसी श्रीधर के साथ हुए “डिजिटल अरेस्ट स्कैम” से जुड़ा है,जिसमें 67 लाख 75 हजार 301 रूपए की ठगी की गई थी। और उसकी आंशिक राशि इसी खाते में ट्रांसफर हुई थी। सुराग मिलने पर थाना माणकचौक में प्रकरण दर्ज कर प्रथम मित्तल सहित उसके सहयोगी हेमंत रायक उर्फ मोनू (निवासी रुद्राक्ष कॉलोनी) और शुभम रेडा उर्फ चीकू (निवासी नगरवास) को गिरफ्तार किया गया। - इटारसी में वर्क फ्रॉम होम टास्क के नाम पर साइबर ठगी का खुलासा वर्क फ्रॉम होम टास्क के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ थाना इटारसी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार 2 जनवरी को पीड़िता को व्हाट्सएप के जरिये से वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। जहां होटल-रेस्टोरेंट रेटिंग के टास्क दिए गए। शुरुआत में 1 हजार, 3 हजार जैसी छोटी रकम देकर उसे विश्वास में लिया गया। इसके बाद अधिक रकम निवेश करने के नाम पर 3 लाख 36 हजार 800 रूपए की धोखाधड़ी की गई। जॉच के दौरान साइबर सेल नर्मदापुरम एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए राजस्थान के बीकानेर से आरोपी एहसान अली उर्फ प्रिंस तथा मध्यप्रदेश के नीमच से मोहम्मद फरहान एवं मुर्शरफ को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से ठगी की राशि एवं प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जुनेद / 13 अप्रैल