श्रीनगर(ईएमएस)। देश के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि दोनों ही क्षेत्रों से अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के बड़े नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। भूकंप की जानकारी मिलते ही संबंधित जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयां तुरंत सक्रिय हो गईं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले की भदेरवाह घाटी और उसके आसपास के इलाकों में सुबह 4:55 बजे भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.9 दर्ज की गई है। डोडा जिले के लिए इस तरह की हलचलें चिंता का विषय बनी हुई हैं, क्योंकि इससे पहले 12 अप्रैल को भी यहां 4.6 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप महसूस किया गया था, जिसका समय सुबह 04:32 बजे दर्ज हुआ था। इतना ही नहीं, मार्च की शुरुआत में भी क्षेत्र ने 4.2 तीव्रता के झटके झेले थे। लगातार आ रहे इन झटकों ने घाटी के लोगों को डरा दिया है। दूसरी ओर, उत्तराखंड के सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ में भी मंगलवार सुबह 7:07 बजे धरती कांपी। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 मापी गई है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने स्थिति का जायजा लेने के लिए भूकंप केंद्र और संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। गनीमत रही कि वहां भी स्थिति सामान्य है और संपत्तियों को कोई क्षति नहीं पहुंची है। भूकंप की यह सक्रियता केवल उत्तर भारत तक ही सीमित नहीं रही है। हाल ही में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र, विशेषकर हिंगोली जिले में भी 4.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। हिंगोली के जिलाधिकारी के अनुसार, पांगरा शिंदे गांव में कुछ घरों और सामुदायिक केंद्रों की दीवारों में दरारें देखी गई थीं। देश के विभिन्न हिस्सों में बार-बार आ रहे ये झटके भूकंपीय संवेदनशीलता को दर्शाते हैं, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है। वीरेंद्र/ईएमएस/14अप्रैल2026