राष्ट्रीय
14-Apr-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर देश भर में उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के शीर्ष नेतृत्व ने बाबा साहेब के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें सामाजिक न्याय का संवाहक बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विशेष थ्रोबैक वीडियो साझा कर बाबा साहेब को नमन किया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जोर देकर कहा कि अंबेडकर केवल एक व्यक्ति का नाम नहीं है, बल्कि वे एक विराट संकल्प का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का संपूर्ण जीवन संघर्ष की एक मिसाल रहा है, जिसमें उन्होंने समाज की कुरीतियों के खिलाफ डटकर लड़ाई लड़ी। पीएम मोदी के अनुसार, बाबा साहेब ने अपने व्यक्तिगत सम्मान की परवाह किए बिना दलित, पिछड़े और शोषित वर्ग को समाज की मुख्यधारा में लाने और उन्हें बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। अपमान सहने के बाद भी वे अपने सिद्धांतों से कभी पीछे नहीं हटे। प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि 2014 के बाद से उनकी सरकार बाबा साहेब की विरासत को सहेजने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने महू, लंदन, दिल्ली, मुंबई और नागपुर से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित करने का उल्लेख किया, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें। गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि बाबा साहेब ने एक ऐसा संविधान दिया जिसने भारतीय लोकतंत्र की नींव को मजबूती प्रदान की। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि अंबेडकर ने देश की अखंडता को सर्वोपरि रखते हुए धारा 370 का विरोध किया था। वहीं, राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार ने उन्हें सामाजिक न्याय का पुरोधा बताते हुए कहा कि उनके आदर्श एक समावेशी राष्ट्र के निर्माण के लिए मार्गदर्शक हैं। पूर्व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बाबा साहेब को संविधान का शिल्पी बताते हुए कहा कि समता और स्वतंत्रता के जिन मूल्यों की स्थापना उन्होंने की थी, आज उन्हीं के आधार पर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध किया जा रहा है। देश के इन प्रमुख नेताओं ने एक स्वर में बाबा साहेब के विचारों को आधुनिक भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताया। वीरेंद्र/ईएमएस/14अप्रैल2026