राज्य
14-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। राजधानी दिल्ली में पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार करके उनके पास एक आग्नेयास्त्र और कारतूस बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्तियों में से एक व्यक्ति ने जाली दस्तावेजों का कथित तौर पर इस्तेमाल करके खुद को न्यायिक अधिकारी बताया था। आरोपियों की पहचान सूर्य अग्रवाल (31) और निखिल यादव (21) के रूप में हुई है। दोनों व्यक्ति उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के निवासी हैं। - क्या है पूरा मामला दिल्ली पुलिस के अनुसार, संसद मार्ग थाने की एक टीम ने दोनों व्यक्तियों को राष्ट्रीय राजधानी में संभावित सुरक्षा खतरों की जांच के लिए एक अभियान के बीच गिरफ्तार किया। पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) सचिन शर्मा ने सोमवार को कहा, 5 अप्रैल को शाम करीब पांच बजे टीम ने एक संदिग्ध एसयूवी (एमजी हेक्टर) कार को रोका, जो बिना पंजिकृत नंबर प्लेट के थी और उसकी खिड़कियों पर काली फिल्म लगी थी। गाड़ी पर जज, उत्तर प्रदेश सरकार लिखा एक स्टिकर भी लगा था, जिससे संदेह हुआ। वाहनों के शीशे पर काली फिल्म लगाना प्रतिबंधित है। - डीसीपी ने क्या कहा पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) का कहना है कि तलाशी के दौरान निखिल यादव के पास से एक पिस्तौल और 4 कारतूस बरामद किए, जबकि अग्रवाल के पास 5 कारतूस मिले। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान, अग्रवाल ने खुद के एक अधिवक्ता होने और उत्तर प्रदेश का एक सिविल जज होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि उसने एक न्यायिक पहचानपत्र और उत्तर प्रदेश अधिकारियों द्वारा जारी एक पत्र दिखाया, जिसमें दावा किया गया कि उसे दिल्ली में हथियार ले जाने की अनुमति है। - डिजिटल माध्यम से किया बदलाव अधिकारी ने कहा कि, पड़ताल के बाद पुलिस को पता चला कि पहचापत्र और पत्र दोनों ही जाली थे तथा उनमें डिजिटल माध्यम से बदलाव किया गया था। अग्रवाल के पास उत्तर प्रदेश में जारी एक वैध हथियार लाइसेंस था, लेकिन यह लाइसेंस सिर्फ़ उसी राज्य तक सीमित था और उसे दिल्ली में हथियार ले जाने की अनुमति नहीं थी। संसद मार्ग थाने में दोनों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने पिस्तौल, 9 कारतूस, घटना में इस्तेमाल की गई एसयूवी, जाली पहचान पत्र, जाली अनुमति पत्र और अधिकारी का गलत तरीके से दर्जा जताने के लिए इस्तेमाल किया, स्टिकर जब्त किया है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/14/ अप्रैल /2026